Top 5 This Week

Related Posts

भारत भेजेगा और चीते दक्षिण अफ्रीका, कुनो ही रहेगा पुनर्वास परियोजना का प्रमुख केंद्र

नई दिल्ली। दक्षिण अफ्रीका ने भारत के चीता पुनर्वास कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के लिए भविष्य में और अफ्रीकी चीते भेजने पर सहमति जताई है। इसके साथ ही मध्य प्रदेश स्थित कुनो राष्ट्रीय उद्यान को इस महत्वाकांक्षी परियोजना का प्रमुख केंद्र बनाए रखने का निर्णय लिया गया है। यह फैसला दोनों देशों के बीच वन्यजीव संरक्षण सहयोग को और मजबूत करेगा।

परियोजना से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, भारत में चीतों के सफल प्रजनन और संरक्षण प्रयासों को देखते हुए दक्षिण अफ्रीका आगामी चरणों में भी चीते उपलब्ध कराएगा। नए चीतों के आगमन से देश में उनकी आनुवंशिक विविधता बनाए रखने और आबादी बढ़ाने में मदद मिलेगी।

कुनो राष्ट्रीय उद्यान को परियोजना का मुख्य केंद्र बनाए रखने के पीछे यहां विकसित की गई निगरानी व्यवस्था, चिकित्सा सुविधाएं और प्रशिक्षित वन्यजीव प्रबंधन तंत्र को प्रमुख कारण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि कुनो में चीतों के व्यवहार, स्वास्थ्य और प्रजनन की लगातार निगरानी की जा रही है, जिससे परियोजना को सकारात्मक परिणाम मिले हैं।

‘प्रोजेक्ट चीता’ के तहत वर्ष 2022 में नामीबिया से पहली खेप में आठ चीते भारत लाए गए थे। इसके बाद 2023 में दक्षिण अफ्रीका से 12 और चीते कुनो पहुंचे। इस दौरान कई शावकों का जन्म भी हुआ, जिसने भारत में चीतों की पुनर्स्थापना की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की।

वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि परियोजना की दीर्घकालिक सफलता के लिए समय-समय पर नए चीतों को शामिल करना आवश्यक होगा, ताकि स्वस्थ प्रजनन और आनुवंशिक संतुलन बना रहे। केंद्र सरकार भी परियोजना के अगले चरणों की तैयारी में जुटी है और अन्य उपयुक्त आवासों के विकास पर काम कर रही है। हालांकि फिलहाल कुनो राष्ट्रीय उद्यान ही इस परियोजना का प्रमुख केंद्र बना रहेगा।

Popular Articles