वेलिंगटन/नई दिल्ली: भारत और न्यूजीलैंड के बीच द्विपक्षीय व्यापार को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के उद्देश्य से आगामी सोमवार, 27 अप्रैल को एक ऐतिहासिक ‘मुक्त व्यापार समझौते’ (FTA) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने इस बड़े फैसले की आधिकारिक घोषणा करते हुए इसे दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक मील का पत्थर बताया है। इस समझौते से भारत और न्यूजीलैंड के बीच वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार में आने वाली बाधाएं कम होंगी और नए निवेश के रास्ते खुलेंगे।
प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन का सोशल मीडिया पर एलान
न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री ने इस महत्वपूर्ण समझौते की जानकारी देने के लिए डिजिटल माध्यम का सहारा लिया।
- सोशल मीडिया पर घोषणा: प्रधानमंत्री लक्सन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौते की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में है और सोमवार को इस पर विधिवत हस्ताक्षर किए जाएंगे।
- रणनीतिक साझेदारी: लक्सन ने जोर देकर कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है और न्यूजीलैंड के लिए भारत के साथ गहरे व्यापारिक संबंध स्थापित करना उसकी विदेश नीति की प्राथमिकता है।
मुक्त व्यापार समझौता (FTA) क्या है और इसके लाभ?
मुक्त व्यापार समझौता दो देशों के बीच किया जाने वाला एक ऐसा अनुबंध है, जिसमें व्यापारिक वस्तुओं पर लगने वाले सीमा शुल्क (Custom Duty) और अन्य करों को या तो पूरी तरह हटा दिया जाता है या काफी कम कर दिया जाता है।
- सस्ते होंगे उत्पाद: इस समझौते के बाद न्यूजीलैंड से आने वाले डेयरी उत्पाद, फल और मांस भारत में सस्ते हो सकते हैं, जबकि भारत से निर्यात होने वाले फार्मास्यूटिकल्स, आईटी सेवाएं और कपड़ा न्यूजीलैंड के बाजारों में अधिक प्रतिस्पर्धी होंगे।
- बाजार तक सुगम पहुंच: दोनों देशों के व्यापारियों को एक-दूसरे के घरेलू बाजारों तक बिना किसी जटिल कागजी कार्रवाई के सीधी पहुंच प्राप्त होगी।
भारत के लिए सामरिक और आर्थिक महत्व
भारत पिछले कुछ वर्षों से अपनी ‘एक्ट ईस्ट’ और ‘इंडो-पैसिफिक’ रणनीति के तहत विकसित देशों के साथ आर्थिक जुड़ाव बढ़ा रहा है।
- मजबूत द्विपक्षीय संबंध: ऑस्ट्रेलिया और यूएई के बाद, न्यूजीलैंड के साथ यह समझौता भारत के बढ़ते वैश्विक आर्थिक प्रभाव को दर्शाता है।
- सेवा क्षेत्र को बढ़ावा: भारत के आईटी पेशेवरों और छात्रों के लिए न्यूजीलैंड में काम करने और वहां सेवाएं प्रदान करने के अवसर इस समझौते के बाद और अधिक सुलभ होने की उम्मीद है।
सोमवार को आयोजित होगा भव्य समारोह
27 अप्रैल को आयोजित होने वाले इस हस्ताक्षर समारोह में दोनों देशों के शीर्ष वाणिज्यिक अधिकारी और राजनयिक मौजूद रहेंगे।
- अंतिम चरण की तैयारियां: वाणिज्य मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, समझौते की शर्तों को लेकर पिछले कई दौर की वार्ताओं के बाद अब दोनों पक्ष अंतिम ड्राफ्ट पर सहमत हो गए हैं।
- संबोधन की उम्मीद: हस्ताक्षर के बाद प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री लक्सन के बीच एक वर्चुअल संवाद या संयुक्त बयान भी जारी किया जा सकता है, जिसमें भविष्य के रोडमैप पर चर्चा होगी।




