इंदौर: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के ग्रेटर तिरुपति नगर (बख्तावरराम नगर) क्षेत्र में गुरुवार शाम उस वक्त हड़कंप मच गया, जब घर के पास स्थित एक बगीचे से दो मासूम बच्चों का संदिग्ध परिस्थितियों में अपहरण कर लिया गया। हालांकि, इंदौर पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए महज 5 घंटों के भीतर ऑपरेशन चलाकर आरोपी युवती को धर दबोचा और दोनों बच्चों को सुरक्षित उनके परिजनों तक पहुँचा दिया।
खेलते समय किया गया बच्चों का अगवा
घटना गुरुवार देर शाम की है, जब बच्चे अपने घर के नजदीक बने सार्वजनिक बगीचे में खेल रहे थे।
- अपहृत बच्चों की पहचान: अगवा किए गए बच्चों में बड़ी ग्वालटोली निवासी 8 वर्षीय नैतिक (पिता सन्नी सोनकर) और लालाराम नगर निवासी 11 वर्षीय सम्राट (पिता अजयदेव) शामिल हैं।
- वारदात का तरीका: प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक अज्ञात युवती बगीचे के पास आई और बच्चों को बातों में उलझाकर अपने साथ ले गई। जब काफी देर तक बच्चे घर नहीं लौटे, तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की और अनहोनी की आशंका होने पर तुरंत पुलिस को सूचना दी।
पुलिस की सक्रियता: 5 घंटे का सघन सर्च ऑपरेशन
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने तत्काल कई टीमें गठित कीं और शहर के बाहर जाने वाले रास्तों पर नाकाबंदी कर दी।
- सीसीटीवी कैमरों की मदद: पुलिस ने बगीचे और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिससे संदिग्ध युवती के हुलिए और उसके जाने की दिशा का सुराग मिला।
- घेराबंदी और गिरफ्तारी: हुलिए के आधार पर पुलिस ने संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दी और वारदात के 5 घंटों के भीतर ही आरोपी युवती को गिरफ्तार कर लिया। बच्चों को सही-सलामत बरामद करना पुलिस के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता थी, जिसमें उन्हें सफलता मिली।
परिजनों ने ली राहत की सांस
बच्चों के सुरक्षित मिलने की खबर मिलते ही दोनों परिवारों में खुशी की लहर दौड़ गई। परिजनों ने इंदौर पुलिस की त्वरित कार्रवाई और तत्परता की सराहना की है। बच्चों को थाने लाया गया जहाँ कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उन्हें माता-पिता को सौंप दिया गया।
पूछताछ में जुटी पुलिस: क्या था अपहरण का मकसद?
फिलहाल पुलिस आरोपी युवती को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ कर रही है।
- अपहरण की वजह: पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि युवती ने फिरौती के लिए बच्चों को उठाया था या इसके पीछे किसी बड़े मानव तस्करी गिरोह का हाथ है।
- आपराधिक रिकॉर्ड: आरोपी युवती के पुराने रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि उसने पहले भी इस तरह की वारदातों को अंजाम दिया है या नहीं।





