नई दिल्ली। भारतीय नौसेना अपने स्वदेशी निर्माण प्रयास को आगे बढ़ाते हुए तीन नए जहाजों को शामिल करने जा रही है। ये जहाज हैं – ‘दूनागिरि’, ‘अग्रय’ और ‘संशोधक’। इन जहाजों का निर्माण भारत में ही किया गया है और इनसे नौसेना की सामरिक एवं तकनीकी क्षमता में बढ़ोतरी होगी।
‘दूनागिरि’ युद्ध संचालन के लिए विशेष रूप से डिजाइन किया गया है, जबकि ‘अग्रय’ समुद्री सुरक्षा और तटीय निगरानी के लिए सक्षम होगा। ‘संशोधक’ जहाज का मुख्य उद्देश्य अनुसंधान और तकनीकी परीक्षणों में योगदान देना है। भारतीय नौसेना ने बताया कि इन जहाजों में नवीनतम हथियार प्रणाली और सेंसर तकनीक का उपयोग किया गया है, जिससे समुद्री सतर्कता और सुरक्षा में मजबूती आएगी।
रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, स्वदेशी जहाजों का निर्माण न केवल नौसेना की शक्ति बढ़ाता है बल्कि देश के रक्षा उद्योग को भी मजबूत बनाता है। इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और तकनीकी आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा मिलेगा।
नौसेना अधिकारियों ने बताया कि नए जहाजों के शामिल होने के बाद भारत की समुद्री सामरिक क्षमता और तट सुरक्षा में काफी सुधार होगा। ये जहाज लंबी दूरी की यात्रा कर सकते हैं और विभिन्न समुद्री अभियानों में इस्तेमाल किए जा सकते हैं।
इस मौके पर अधिकारियों ने यह भी कहा कि सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत स्वदेशी नौसैनिक उपकरणों का निर्माण तेजी से आगे बढ़ रहा है। आने वाले वर्षों में और अधिक स्वदेशी जहाजों को नौसेना में शामिल करने की योजना है।





