नई दिल्ली। भारत के प्रख्यात अंतरराष्ट्रीय विधि विशेषज्ञ डॉ. बिमल पटेल को बड़ी वैश्विक उपलब्धि हासिल हुई है। उन्हें अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून न्यायाधिकरण (International Tribunal for the Law of the Sea – ITLOS) का न्यायाधीश चुना गया है। यह चुनाव संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून संधि (UNCLOS) के सदस्य देशों द्वारा किया गया, जिसमें उन्हें पर्याप्त समर्थन प्राप्त हुआ।
डॉ. पटेल 1 अक्टूबर से अपना कार्यभार संभालेंगे। उनकी नियुक्ति से भारत की अंतरराष्ट्रीय न्यायिक व्यवस्था में उपस्थिति और मजबूत होगी। वर्तमान में भारत का प्रतिनिधित्व न्यायाधिकरण में जस्टिस नीना चड्ढा के कार्यकाल पूरा होने के बाद भी जारी रहेगा।
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने इस उपलब्धि पर डॉ. बिमल पटेल को बधाई दी है। उन्होंने UNCLOS के सदस्य देशों के समर्थन के लिए आभार भी व्यक्त किया। भारत के स्थायी मिशन ने इसे देश की बहुपक्षीय कूटनीति और समुद्री कानून में बढ़ती भूमिका की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।
ITLOS एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय न्यायिक संस्था है, जिसकी स्थापना संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून संधि के तहत की गई थी। इसका मुख्यालय जर्मनी के हैम्बर्ग में स्थित है। यह न्यायाधिकरण समुद्री सीमाओं, समुद्री संसाधनों, नौवहन अधिकारों तथा समुद्र से जुड़े अंतरराष्ट्रीय विवादों का समाधान करता है।
चुनाव प्रक्रिया के दौरान सदस्य देशों ने विभिन्न क्षेत्रों से उम्मीदवारों को समर्थन दिया, जिसमें एशिया क्षेत्र से भारत के बिमल पटेल का चयन एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक सफलता माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि उनकी नियुक्ति से अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून के क्षेत्र में भारत की भूमिका और प्रभाव को नई दिशा मिलेगी।
डॉ. बिमल पटेल अंतरराष्ट्रीय कानून के प्रतिष्ठित विद्वान हैं और वर्तमान में विभिन्न वैश्विक संस्थाओं से जुड़े हुए हैं। उनके चयन को भारत की कानूनी और कूटनीतिक क्षमता की वैश्विक मान्यता के रूप में देखा जा रहा है।
इस नियुक्ति के साथ भारत ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है।





