महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सोमवार को कर्नाटक के सीमावर्ती इलाकों में मराठी भाषी लोगों को समर्थन की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि महायुति सरकार कर्नाटक के बेलगावी और आसपास के मराठी भाषी इलाकों के निवासियों का समर्थन करने और दशकों से चले आ रहे इस विवाद को सुलझाने के लिए प्रतिबद्ध है।कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने बेलगावी सहित मराठी भाषी क्षेत्रों को पश्चिमी राज्य में विलय करने की मांग करने वाले एक संगठन द्वारा आयोजित सभा को अनुमति नहीं दी, जिसके बाद महाराष्ट्र और कर्नाटक के बीच सीमा विवाद फिर से गर्मा गया है। सीएम फडणवीस और डिप्टी सीएम शिंदे ने कर्नाटक में मराठी भाषी लोगों को समर्थन देने का वादा करते हुए विधान परिषद में अलग-अलग बयान दिए।सीएम फडणवीस ने कहा महाराष्ट्र सरकार और विधायिका मिलकर इन क्षेत्रों के लोगों का समर्थन करेंगे। बेलगावी, कारवार, निपानी और एकीकृत महाराष्ट्र के लिए लड़ाई जारी रहेगी। हम न्याय सुनिश्चित करेंगे।
वहीं, डिप्टी सीएम शिंदे ने कहा कि कर्नाटक सरकार ने मराठी सभा का विरोध किया और महाराष्ट्र एकीकरण समिति (एमईएस) के 100 से अधिक नेता-कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। साथ ही बेलगावी में धारा 144 लगा दी। महाराष्ट्र इस मुद्दे को सुलझाने के लिए कानूनी प्रयासों को मजबूत करेगा।
विपक्ष के नेता शिवसेना (यूबीटी) के अंबादास दानवे ने कहा कि महाराष्ट्र को एक प्रस्ताव पारित करना चाहिए, जिसमें केंद्र सरकार से बेलगावी और अन्य मराठी भाषी क्षेत्रों को केंद्र शासित प्रदेश बनाने की मांग की जाए। वहीं, विधान परिषद की उपाध्यक्ष डॉ. नीलम गोरे ने कहा कि वह कर्नाटक परिषद को पत्र लिखकर बेलगावी में सुवर्ण विधान सौध में हिंदुत्व विचारक वीर सावरकर के चित्र को फिर से स्थापित करने का अनुरोध करेंगी।





