इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू फिलहाल मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। उन पर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय, दोनों स्तर पर कानूनी मामले चल रहे हैं। एक तरफ अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (आईसीसी) ने नेतन्याहू के खिलाफ गाजा में युद्ध अपराध के लिए गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। वहीं दूसरी ओर, नेतन्याहू को इस्राइल में भी भ्रष्टाचार के एक मुकदमे में गवाही देनी है। अगर वह इस मामले में दोषी पाए गए तो उनका सियासी सफर खत्म हो सकता है। आईसीसी के मुकदमे पर नेतन्याहू को देश में समर्थन मिलता दिख रहा है, लेकिन भ्रष्टाचार के मामले में जनता की राय उन पर बंटी हुई है।एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, नेतन्याहू के खिलाफ इस्राइल में लंबे समय से भ्रष्टाचार का मामला चल रहा है। इसी मामले में आज वह अदालत के सामने अपना पक्ष रखने के लिए तैयार हैं। अंदाजा लगाया जा रहा कि उन्हें कई सप्ताह तक अदालत और युद्ध कक्ष के बीच चक्कर लगाने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।इस्राइल पिछले एक साल से भी अधिक समय से गाजा में फलस्तीनी समूह हमास के खिलाफ युद्ध लड़ रहा है, जिसके दौरान नेतन्याहू को अदालत में पेश होने के लिए मोहलत दी गई थी। लेकिन गुरुवार को जजों ने फैसला सुनाया कि उन्हें गवाही देनी होगी।अदालत ने कहा कि रिश्वतखोरी, धोखाधड़ी और विश्वासघात के आरोप में नेतन्याहू सप्ताह में तीन बार गवाही देंगे।





