नई दिल्ली। दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन की महारैली के बाद भाजपा ने कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधा है। भाजपा ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के अलग-अलग गुट बन गए हैं। पार्टी का दावा है कि राहुल गांधी का खेमा प्रियंका के बढ़ते राजनीतिक प्रभाव से असुरक्षित महसूस कर रहा है और उन्हें जानबूझकर किनारे करने की कोशिश की जा रही है।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने आरोप लगाया कि प्रियंका गांधी को रामलीला मैदान में आयोजित इंडिया गठबंधन की महारैली में बोलने का मौका नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि इससे पहले आयोजित मॉक पार्लियामेंट कार्यक्रम में भी प्रियंका को बोलने का अवसर नहीं मिला था। भंडारी के मुताबिक, उस कार्यक्रम में प्रियंका गांधी को दूसरी पंक्ति में बैठाया गया था।
भाजपा प्रवक्ता ने सवाल उठाया कि क्या राहुल गांधी को इस बात का डर है कि प्रियंका गांधी को पार्टी में अधिक प्रमुखता मिलने पर उनका राजनीतिक कद कम हो सकता है? उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के भीतर प्रियंका के समर्थकों को दबाया जा रहा है और पार्टी दो गुटों में बंटती नजर आ रही है।
भंडारी ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस में राहुल बनाम प्रियंका की लड़ाई चल रही है और जनता इस घटनाक्रम को देख रही है।
दरअसल, इंडिया गठबंधन ने एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और कथित चुनावी अनियमितताओं के विरोध में महारैली आयोजित की थी। इसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव, फारूक अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती समेत कई विपक्षी नेता शामिल हुए थे।
भाजपा के ये आरोप राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा हैं। प्रदीप भंडारी ने राहुल गांधी द्वारा प्रियंका को जानबूझकर बोलने से रोकने के दावे के समर्थन में कोई स्वतंत्र प्रमाण पेश नहीं किया है।





