नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री पी.वी. नरसिम्हा राव की जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री संग्रहालय एवं पुस्तकालय (PMML) ने सोवार को उनके जीवन, नेतृत्व और योगदान पर आधारित एक विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया। नई दिल्ली स्थित तीन मूर्ति परिसर के प्रधानमंत्री संग्रहालय में आयोजित यह प्रदर्शनी 30 जून तक आम नागरिकों के लिए खुली रहेगी।
प्रदर्शनी में नरसिम्हा राव के सार्वजनिक जीवन, राजनीतिक सफर और प्रधानमंत्री के रूप में लिए गए ऐतिहासिक निर्णयों को दुर्लभ तस्वीरों, दस्तावेजों और अभिलेखीय सामग्री के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। इसमें विशेष रूप से वर्ष 1991 के आर्थिक सुधारों, उदारीकरण की नीतियों और भारत की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने में उनकी भूमिका को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया है।
आयोजकों के अनुसार, प्रदर्शनी का उद्देश्य नई पीढ़ी को भारत के लोकतांत्रिक इतिहास और पूर्व प्रधानमंत्रियों के योगदान से परिचित कराना है। प्रदर्शनी में राव के प्रशासनिक नेतृत्व, विदेश नीति, शिक्षा, साहित्य और विभिन्न भाषाओं पर उनकी पकड़ को भी रेखांकित किया गया है।
पी.वी. नरसिम्हा राव ने वर्ष 1991 से 1996 तक देश के प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया। उनके कार्यकाल में भारत ने आर्थिक उदारीकरण, वैश्विक निवेश को बढ़ावा देने और संरचनात्मक सुधारों की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए, जिनका प्रभाव आज भी देश की आर्थिक नीतियों में देखा जाता है।
प्रधानमंत्री संग्रहालय एवं पुस्तकालय ने नागरिकों, विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और इतिहास में रुचि रखने वाले लोगों से इस विशेष प्रदर्शनी का अवलोकन करने की अपील की है। संस्था का कहना है कि यह आयोजन देश के प्रधानमंत्रियों की विरासत को संरक्षित करने और लोकतांत्रिक इतिहास को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।





