वॉशिंगटन। अमेरिका में अवैध प्रवासियों को लेकर एक बार फिर सख्त नीति सामने आई है। अमेरिकी प्रशासन ने देश में रह रहे ऐसे प्रवासियों को अल्टीमेटम जारी करते हुए कहा है कि जो लोग निर्धारित समय सीमा के भीतर स्थायी आवास और कानूनी दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा पाएंगे, उन्हें देश से निष्कासित (डिपोर्ट) किया जा सकता है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी आव्रजन विभाग ने यह स्पष्ट किया है कि सरकार अब “अस्थायी या अनधिकृत निवास” को स्वीकार नहीं करेगी। प्रशासन का कहना है कि जिन प्रवासियों के पास वैध आवासीय स्थिति या कानूनी दस्तावेज नहीं हैं, उन्हें पहले अपनी स्थिति नियमित करनी होगी या फिर उन्हें देश छोड़ने की प्रक्रिया का सामना करना पड़ेगा।
इस कदम को अमेरिका की कड़ी आव्रजन नीति के नए चरण के रूप में देखा जा रहा है, जिसका उद्देश्य अवैध प्रवासन पर नियंत्रण और सीमा सुरक्षा को मजबूत करना बताया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि बड़ी संख्या में बिना दस्तावेज के प्रवासी लंबे समय से देश में रह रहे हैं, जिससे आवास, रोजगार और सामाजिक सेवाओं पर दबाव बढ़ा है।
प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि आने वाले समय में जांच और निगरानी को और सख्त किया जाएगा। आव्रजन एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे ऐसे मामलों की पहचान करें जहां प्रवासी बिना वैध दस्तावेजों के रह रहे हैं या जिनके पास स्थायी आवास का कोई प्रमाण नहीं है।
हालांकि इस फैसले की आलोचना भी शुरू हो गई है। मानवाधिकार संगठनों और प्रवासी अधिकार समूहों ने इसे कठोर और असंवेदनशील कदम बताते हुए कहा है कि इससे हजारों परिवारों पर असर पड़ सकता है। उनका कहना है कि कई प्रवासी रोजगार और सुरक्षा की तलाश में अमेरिका पहुंचे हैं और अचानक निष्कासन की नीति उनके लिए संकट पैदा कर सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम आगामी राजनीतिक परिस्थितियों और चुनावी एजेंडे से भी जुड़ा हो सकता है, जहां आव्रजन एक प्रमुख मुद्दा बना हुआ है।
फिलहाल अमेरिकी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह नीति देश की आव्रजन प्रणाली को “व्यवस्थित और सख्त” बनाने की दिशा में एक आवश्यक कदम है।





