Top 5 This Week

Related Posts

पश्चिम एशिया महाशक्तियों की प्रतिद्वंद्विता का अखाड़ा न बने: शी जिनपिंग का ट्रंप को संदेश

बीजिंग। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका समेत दुनिया की प्रमुख शक्तियों को स्पष्ट संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र को महाशक्तियों की प्रतिद्वंद्विता और भू-राजनीतिक संघर्ष का अखाड़ा नहीं बनाया जाना चाहिए। क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए सभी पक्षों को मिलकर प्रयास करना होगा।

शी जिनपिंग ने सोमवार को चीन की राजधानी बीजिंग में ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक अल सईद के साथ मुलाकात के दौरान यह बात कही। चीन के विदेश मंत्रालय के अनुसार, शी ने कहा कि चीन युद्ध रोकने और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं का समाधान तलाशने के लिए अपनी भूमिका निभाने को तैयार है।

अरब देशों के साथ सहयोग बढ़ाएगा चीन

चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि उनका देश अरब देशों और खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के सदस्य देशों के साथ संवाद और समन्वय मजबूत करना चाहता है। इसका उद्देश्य पश्चिम एशिया में शांति बहाल करना और दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करना है।

यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका और इजरायल के साथ ईरान का संघर्ष क्षेत्रीय तनाव बढ़ा रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधित समुद्री आवाजाही के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और जहाजरानी पर भी असर पड़ा है।

होर्मुज में सुरक्षित आवाजाही बहाल करने पर जोर

शी जिनपिंग और ओमान के सुल्तान की बैठक के बाद जारी 20 सूत्रीय संयुक्त बयान में होर्मुज जलडमरूमध्य में सामान्य और सुरक्षित नौवहन बहाल करने की जरूरत बताई गई। दोनों देशों ने अमेरिका और ईरान से सैन्य टकराव के बजाय शांतिपूर्ण समाधान तलाशने और बातचीत दोबारा शुरू करने की अपील की।

ओमान के सुल्तान हैथम ने भी क्षेत्रीय विवादों को बातचीत और अंतरराष्ट्रीय कानून के माध्यम से सुलझाने पर जोर दिया। उन्होंने चीन के साथ व्यापार और निवेश सहयोग बढ़ाने की इच्छा जताई।

इस बीच चीन ने पश्चिम एशिया में तनाव कम कराने के लिए अपने विशेष दूत झाई जुन को ईरान, ओमान और सऊदी अरब भेजने की घोषणा की है। चीन की यह पहल क्षेत्रीय कूटनीति में उसकी बढ़ती सक्रियता का संकेत मानी जा रही है।

Popular Articles