नई दिल्ली। पत्रकार अभिषेक उपाध्याय के खिलाफ गाजियाबाद में दर्ज कथित रोड रेज मामले की एफआईआर को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को सुनवाई करेगा। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने सोमवार को याचिका को तत्काल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई थी।
उपाध्याय ने अपनी याचिका में एफआईआर रद्द करने और गिरफ्तारी समेत किसी भी कठोर कार्रवाई से सुरक्षा देने की मांग की है। वैकल्पिक तौर पर उन्होंने मामले की जांच उत्तर प्रदेश पुलिस के बजाय किसी स्वतंत्र एजेंसी, जैसे दिल्ली पुलिस या सीबीआई, को सौंपने का अनुरोध किया है।
18 अगस्त को दर्ज हुई थी FIR
गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाने में 18 अगस्त को दर्ज एफआईआर कथित रोड रेज की घटना से जुड़ी है। शिकायतकर्ता के अनुसार, शिप्रा मॉल के पास उनकी मोटरसाइकिल को एक कार ने पीछे से टक्कर मारी। आरोप है कि इसके बाद कार चालक ने अभद्र व्यवहार और धमकी दी। शिकायत में अभिषेक उपाध्याय का नाम सामने आया है।
उपाध्याय ने इन आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि मामला उनके खिलाफ गढ़ा गया है और इसका संबंध उत्तर प्रदेश में कथित भ्रष्टाचार तथा अयोध्या राम मंदिर में दान से जुड़ी अनियमितताओं पर उनकी पत्रकारिता से है। उन्होंने आरोप लगाया है कि पुलिस ने उनके घर पहुंचकर परिवार को परेशान किया और उन्हें गिरफ्तारी की आशंका है।
CCTV फुटेज को लेकर भी आरोप
याचिका में उपाध्याय ने दावा किया है कि उन्हें एफआईआर की प्रति उपलब्ध नहीं कराई गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि घटना स्थल के आसपास के दुकानदारों पर कथित तौर पर CCTV फुटेज हटाने या उपलब्ध न कराने का दबाव बनाया गया। उन्होंने संबंधित इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने का निर्देश देने की भी मांग की है।
सुप्रीम कोर्ट में आज होने वाली सुनवाई से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि अदालत एफआईआर और जांच को लेकर क्या निर्देश देती है। मामले में लगाए गए आरोपों की सत्यता अभी न्यायिक जांच के अधीन है।





