तेहरान। अमेरिका की ओर से ईरान पर नए प्रतिबंधों की तैयारी के बीच दोनों देशों के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि उस पर नए आर्थिक प्रतिबंध लगाए गए तो वह इसका कड़ा जवाब देगा। तेहरान ने संकेत दिया है कि हालात बिगड़ने पर रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल की आवाजाही रोकने जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं।
ईरान की ओर से यह चेतावनी ऐसे समय दी गई है जब अमेरिका तेहरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। अमेरिकी प्रशासन की नई प्रतिबंध नीति में ईरान से जुड़े आर्थिक और कारोबारी नेटवर्क को निशाना बनाए जाने की संभावना है। वाशिंगटन का कहना है कि इन कदमों का उद्देश्य ईरान की आर्थिक गतिविधियों और क्षेत्र में उसके प्रभाव को सीमित करना है।
होर्मुज पर बढ़ा दबाव
फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच स्थित होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में शामिल है। यहां से बड़ी मात्रा में कच्चे तेल और एलएनजी की आवाजाही होती है। ऐसे में इस मार्ग में किसी भी तरह की रुकावट का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार और तेल कीमतों पर पड़ सकता है।
ईरान पहले भी स्पष्ट कर चुका है कि जलडमरूमध्य से सामान्य आवाजाही के लिए अमेरिका को क्षेत्र में अपनी नौसैनिक नाकेबंदी हटानी होगी और अपनी सैन्य मौजूदगी कम करनी होगी। तेहरान ने अपनी मांगों में युद्ध से हुए नुकसान की भरपाई का मुद्दा भी शामिल किया है।
45 टैंकरों पर कार्रवाई
तनाव के बीच ईरान ने हाल में 45 तेल टैंकरों को कथित तौर पर जलडमरूमध्य के नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में ब्लैकलिस्ट किया है। ईरानी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि इन जहाजों के साथ समुद्र में तेल का स्थानांतरण करने वाले अन्य जहाज भी कार्रवाई की जद में आ सकते हैं।
ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ते टकराव ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ा दी है। यदि होर्मुज में तेल परिवहन प्रभावित होता है तो इसका असर एशिया समेत दुनिया के कई देशों पर पड़ सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में दोनों पक्षों के बीच बातचीत और कूटनीतिक प्रयासों पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर रहेगी।





