देहरादून। त्योहारी सीजन को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने खाद्य पदार्थों में मिलावट और आवश्यक वस्तुओं की जमाखोरी के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर प्रदेश के सभी जिलों में विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है। जिलाधिकारियों को एक सप्ताह तक अभियान संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि इसकी निगरानी मंडलायुक्त करेंगे।
सोमवार को जिला प्रशासन और खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन की संयुक्त टीमों ने विभिन्न व्यापारिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए और एक्सपायरी डेट की सामग्री मिलने पर उसे नष्ट कराया गया। नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों को नोटिस और चेतावनी भी जारी की गई। जांच के दायरे में खाद्य गुणवत्ता के साथ चीनी की संभावित जमाखोरी और घरेलू एलपीजी सिलेंडरों के व्यावसायिक इस्तेमाल को भी शामिल किया गया है।
देहरादून में 70 प्रतिष्ठानों की जांच
देहरादून में अब तक 70 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर 48 खाद्य नमूने लिए जा चुके हैं। सोमवार को भी 11 नमूने एकत्र किए गए और तीन प्रतिष्ठानों को व्यवस्थाओं में सुधार की चेतावनी दी गई। 11 दुकानदारों को नोटिस जारी किए गए हैं, जबकि चार मामले एडीएम कोर्ट में दर्ज कराए गए हैं।
हरिद्वार में 47 व्यापारिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर 27 नमूने लिए गए हैं और 10 दुकानदारों को नोटिस जारी किए गए। पौड़ी, नैनीताल, टिहरी और उत्तरकाशी में भी निरीक्षण और सैंपलिंग की कार्रवाई हुई है।
एक्सपायरी सामान पर कार्रवाई
चमोली में तीन खाद्य नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए। दो दुकानों में एक्सपायरी सामग्री मिलने पर नोटिस जारी कर सामान नष्ट कराया गया। दो कंपनियों के उत्पादों की पैकेजिंग और लेबलिंग निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं मिली। रुद्रप्रयाग में 12 दुकानों का निरीक्षण कर छह नमूने लिए गए और एक्सपायरी सामग्री मिलने पर कार्रवाई की गई।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि त्योहारी मौसम में उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए जांच अभियान जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।





