लंदन: ब्रिटेन की पूर्व गृह मंत्री प्रीति पटेल ने दावा किया है कि भारत ने ब्रिटेन से अवैध रूप से रह रहे भारतीय नागरिकों और वीजा अवधि से अधिक समय तक ठहरने वालों की वापसी प्रक्रिया में सहयोग नहीं किया, क्योंकि भगोड़े कारोबारी नीरव मोदी के प्रत्यर्पण में देरी हुई।
प्रीति पटेल के अनुसार, ब्रिटेन और भारत के बीच प्रवासन संबंधी बातचीत पर नीरव मोदी मामले का असर पड़ा। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ब्रिटेन की ओर से नीरव मोदी को भारत भेजने में हो रही देरी से नाराज थी, जिसके कारण अवैध प्रवासियों की वापसी जैसे मुद्दों पर सहयोग हासिल करना मुश्किल हुआ।
नीरव मोदी पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) घोटाले से जुड़े मामलों में भारत में वांछित है। ब्रिटेन की अदालतों में लंबे समय तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद उसके प्रत्यर्पण का रास्ता साफ होने की बात कही गई है। प्रीति पटेल ने 2021 में बतौर गृह मंत्री नीरव मोदी के प्रत्यर्पण आदेश को मंजूरी दी थी।
पटेल ने कहा कि उनके कार्यकाल के दौरान ब्रिटेन सरकार भारत से उन नागरिकों की वापसी को लेकर बातचीत कर रही थी, जिनके पास देश में रहने का वैध अधिकार नहीं था। उनका दावा है कि नीरव मोदी मामले में प्रगति नहीं होने से इन वार्ताओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा।
हालांकि, इस मामले पर भारत सरकार की ओर से तत्काल कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। दोनों देशों के बीच प्रत्यर्पण, अवैध प्रवासन और कानूनी सहयोग से जुड़े मुद्दे लंबे समय से द्विपक्षीय संबंधों का हिस्सा रहे हैं।
नीरव मोदी मामला भारत और ब्रिटेन के बीच कानूनी सहयोग की सबसे चर्चित घटनाओं में से एक रहा है। भारत लगातार उसके प्रत्यर्पण की मांग करता रहा है, जबकि ब्रिटेन में चली न्यायिक प्रक्रिया के कारण इसमें देरी हुई।





