देहरादून। भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) में आयोजित सांस्कृतिक संध्या ने दर्शकों का मन मोह लिया। इस अवसर पर कैडेटों ने नृत्य, संगीत और रंगारंग प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति की विविधता को प्रदर्शित किया। विदेशी कैडेट भी इस कार्यक्रम से खासे प्रभावित हुए।
जानकारी के अनुसार, आईएमए के मुख्य सभागार में आयोजित इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में कैडेटों ने पारंपरिक भारतीय नृत्य और आधुनिक संगीत प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम में शास्त्रीय नृत्य, लोक नृत्य, गिटार और वोकल संगीत की प्रस्तुति ने दर्शकों को उत्साहित कर दिया।
कार्यक्रम में विदेशी कैडेटों की भागीदारी ने इसे और भी आकर्षक बना दिया। उन्होंने भारतीय नृत्य और संगीत की कुछ झलकियां भी प्रस्तुत कीं, जिससे मंच पर रंग–बिरंगी विविधता देखने को मिली। आयोजकों ने कहा कि यह कार्यक्रम कैडेटों के बहु–सांस्कृतिक अनुभव को बढ़ाने और उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच पर आत्मविश्वास के साथ प्रदर्शन करने का अवसर प्रदान करता है।
आईएमए के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि इस सांस्कृतिक संध्या का उद्देश्य न केवल कैडेटों के अंदर छिपी कला और प्रतिभा को सामने लाना है, बल्कि सैन्य प्रशिक्षण के साथ–साथ उनमें रचनात्मक और सांस्कृतिक चेतना को भी बढ़ावा देना है।
दर्शकों में स्थानीय नागरिक, आईएमए अधिकारी और उनके परिवारजन शामिल थे। कार्यक्रम के दौरान दर्शक बार–बार तालियों से अपनी सराहना व्यक्त करते रहे। विदेशी कैडेटों ने भी भारतीय संगीत और नृत्य की विशेषताएं सीखी और मंच पर अपनी प्रस्तुति देने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
सांस्कृतिक संध्या के अंत में सभी प्रतिभागियों का अभिनंदन किया गया और आयोजकों ने इस तरह के कार्यक्रमों को भविष्य में और बढ़ाने का संकल्प लिया।
इस आयोजन ने साबित कर दिया कि सेना सिर्फ युद्ध कौशल ही नहीं बल्कि कला, संस्कृति और बहुसांस्कृतिक आदान–प्रदान में भी उत्कृष्ट है।





