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देहरादून: अब राशन कार्ड बनवाना नहीं होगा आसान; सॉफ्टवेयर में बदलाव के बाद कड़े हुए नियम, इन दस्तावेजों के बिना नहीं होगा ऑनलाइन आवेदन

देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में अब नए राशन कार्ड बनवाने के इच्छुक नागरिकों के लिए प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक जटिल और सख्त हो गई है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने एनआईसी (NIC) के सॉफ्टवेयर में महत्वपूर्ण तकनीकी बदलाव किए हैं, जिसके बाद अब ऑनलाइन पोर्टल पर सभी अनिवार्य दस्तावेजों को अपलोड करना अनिवार्य कर दिया गया है। विभाग की नई व्यवस्था के अनुसार, यदि आवेदन के समय एक भी दस्तावेज कम रहता है, तो सॉफ्टवेयर फॉर्म को स्वीकार नहीं करेगा, जिससे आवेदक नए राशन कार्ड की सुविधा से वंचित रह सकते हैं।

सॉफ्टवेयर में बदलाव: अब हर दस्तावेज होगा अनिवार्य

जिला पूर्ति विभाग की वेबसाइट को एनआईसी के नए सॉफ्टवेयर के साथ अपडेट किया गया है। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य राशन कार्ड वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाना और केवल पात्र व्यक्तियों को ही योजना का लाभ सुनिश्चित करना है।

  • ऑनलाइन कॉलम की बाध्यता: नए सॉफ्टवेयर में अब हर आवश्यक दस्तावेज के लिए अलग से ‘कॉलम’ बनाए गए हैं। पूर्व में कई दस्तावेजों के मामले में आवेदकों को छूट या राहत मिल जाती थी, लेकिन अब संपूर्ण जानकारी और दस्तावेज अपलोड किए बिना ऑनलाइन फॉर्म ‘सबमिट’ करना संभव नहीं होगा।

नए राशन कार्ड के लिए जरूरी मुख्य दस्तावेज

अब नए राशन कार्ड के आवेदन हेतु नागरिकों को निम्नलिखित दस्तावेजों की सूची तैयार रखनी होगी:

  1. बिजली और पानी का बिल: आवास के प्रमाण के तौर पर अब बिजली या पानी का बिल देना अनिवार्य है।
  2. सभी सदस्यों की फोटो: परिवार के मुखिया के साथ-साथ परिवार के सभी सदस्यों की पासपोर्ट साइज फोटो आवेदन के साथ संलग्न करनी होगी।
  3. वोटर आईडी कार्ड: पहचान के पुख्ता प्रमाण के लिए मतदाता पहचान पत्र को प्रमुखता दी गई है।
  4. आय प्रमाण पत्र: परिवार की आर्थिक स्थिति और पात्रता की जांच के लिए वैध आय प्रमाण पत्र जमा करना अब अनिवार्य होगा।

क्यों पड़ी इस बदलाव की जरूरत?

खाद्य आपूर्ति विभाग के सूत्रों के अनुसार, पुराने सॉफ्टवेयर में कुछ तकनीकी खामियों और दस्तावेजों की अनिवार्यता न होने के कारण अपात्र लोग भी राशन कार्ड बनवाने में सफल हो जाते थे।

  • पारदर्शिता और शुद्धीकरण: नए नियमों के लागू होने से डाटा की शुद्धता बनी रहेगी और फर्जी या दोहरे राशन कार्डों पर लगाम लगाई जा सकेगी।
  • रुकावट से बचाव: ऑनलाइन फॉर्म भरते समय यदि कोई भी कॉलम खाली रह जाता है, तो फॉर्म पोर्टल पर अपलोड ही नहीं होगा, जिससे त्रुटिपूर्ण आवेदनों की संख्या में कमी आएगी।

पुराने कार्ड धारकों को राहत

विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह सख्त नियम फिलहाल नए आवेदनों और संशोधनों पर ही लागू होंगे। जो राशन कार्ड पूर्व में बनाए जा चुके हैं और वर्तमान में सक्रिय हैं, उनके धारकों को तत्काल किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। हालांकि, भविष्य में नवीनीकरण या विवरण अपडेट करते समय उन्हें भी इन मानकों को पूरा करना पड़ सकता है।

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