देहरादून। उत्तराखंड को वर्ष 2047 तक विकसित राज्य बनाने की दिशा में सरकार ने जिला स्तर पर भी दीर्घकालिक योजना तैयार करने की कवायद तेज कर दी है। प्रदेश के प्रत्येक जिले का अपना अलग विजन-2047 दस्तावेज तैयार किया जाएगा। अधिकारियों को दिसंबर तक सभी जिलों की विकास रूपरेखा तैयार करने का लक्ष्य दिया गया है।
राज्य सरकार की योजना के तहत जिलों की भौगोलिक परिस्थितियों, स्थानीय संसाधनों, आर्थिक संभावनाओं और जन अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए विकास का खाका तैयार किया जाएगा। इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, कृषि, उद्योग, रोजगार, बुनियादी ढांचे और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी।
विजन-2047 के तहत सरकार का उद्देश्य केवल राज्य स्तर पर योजना बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि गांव और जिले की जरूरतों के आधार पर विकास की रणनीति तैयार करना है। इसके लिए जिला स्तर पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, विशेषज्ञों और संबंधित विभागों से सुझाव लेकर योजनाओं को अंतिम रूप दिया जाएगा।
मुख्य सचिव स्तर से अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जिले अपनी क्षमता और संसाधनों के अनुरूप भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकास का रोडमैप तैयार करें। इसमें अगले कई वर्षों के लिए प्राथमिकताएं तय की जाएंगी, ताकि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा सके।
प्रदेश सरकार पहले ही विकसित उत्तराखंड विजन-2047 के लिए विभिन्न क्षेत्रों से सुझाव जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर चुकी है। इस विजन दस्तावेज में राज्य की आर्थिक मजबूती, रोजगार के अवसर बढ़ाने, पलायन रोकने, पर्यटन को बढ़ावा देने और सतत विकास जैसे मुद्दों को शामिल किया जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, जिला स्तर पर तैयार होने वाले विजन दस्तावेज से विकास योजनाओं को स्थानीय जरूरतों के अनुरूप लागू करने में मदद मिलेगी। दिसंबर तक सभी जिलों की योजनाएं तैयार होने के बाद इन्हें राज्य के समग्र विजन-2047 दस्तावेज से जोड़ा जाएगा।





