नई दिल्ली। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने नियमों के कथित उल्लंघन को लेकर नेस्ले इंडिया के तीन शिशु आहार उत्पादों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की है। इनमें NAN Excella Pro Stage 1, Lactogen Pro 1 और एक फॉलो-अप फॉर्मूला शामिल है। नियामक ने कंपनी से संबंधित मामलों में स्पष्टीकरण मांगा है और तीन अलग-अलग मामलों में कार्रवाई शुरू की है।
FSSAI के अनुसार, NAN Excella Pro Stage 1 में ‘5 HMOs’ और ‘Whey Protein’ से जुड़े दावों पर सवाल उठाए गए हैं। वहीं Lactogen Pro 1 में व्हे प्रोटीन को आसानी से पचने योग्य बताए जाने वाले दावे को लेकर आपत्ति दर्ज की गई। नियामक ने इन उत्पादों और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध इनकी प्रचार सामग्री की जांच की थी।
प्रचार संबंधी नियमों के उल्लंघन का आरोप
FSSAI ने कहा कि दोनों उत्पाद Food Safety and Standards (Foods for Infant Nutrition) Regulations, 2020 के रेगुलेशन 4(2) के प्रावधानों के अनुरूप नहीं पाए गए। यह प्रावधान शिशु आहार की बिक्री बढ़ाने वाले प्रचारात्मक दावों और सामग्री को नियंत्रित करता है। इसके अलावा Infant Milk Substitutes, Feeding Bottles and Infant Foods Act, 1992 की धारा 3 का भी उल्लेख किया गया है, जो ऐसे उत्पादों के विज्ञापन और प्रचार को नियंत्रित करती है।
फॉलो-अप फॉर्मूला के बायोटिन स्तर पर भी सवाल
FSSAI ने बताया कि नेस्ले के एक फॉलो-अप फॉर्मूला के नमूने की प्रयोगशाला जांच में बायोटिन (विटामिन B7) की मात्रा निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं मिली। इसके बाद नमूने की दोबारा जांच कराई गई, जिसमें रेफरल प्रयोगशाला ने भी इसे निर्धारित बायोटिन मानक के अनुरूप नहीं पाया।
नेस्ले ने कहा- सभी नियमों का पालन
नेस्ले इंडिया ने FSSAI की कार्रवाई के बाद कहा कि उसके शिशु पोषण उत्पाद लागू सभी नियमों का पालन करते हैं। कंपनी के मुताबिक NAN Excella Pro और Lactogen Pro के लेबल को FSSAI की विशेषज्ञ समिति से मंजूरी मिली थी। कंपनी ने विवादित दावों को तथ्यात्मक और वैज्ञानिक साहित्य पर आधारित बताया तथा कहा कि वह नियामक के साथ सहयोग जारी रखेगी।
FSSAI की कार्रवाई के बाद अब तीनों मामलों में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।





