नई दिल्ली। चीन के तिब्बत क्षेत्र में शनिवार तड़के पांच घंटे के भीतर तीन बार भूकंप के झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) के अनुसार, इन भूकंपों की तीव्रता 4.0, 4.6 और 4.5 मापी गई। इस दौरान भारत के जम्मू-कश्मीर और कर्नाटक के कुछ हिस्सों के अलावा चीन और अफगानिस्तान में भी भूकंपीय गतिविधियां दर्ज की गईं।
रात एक बजे से सुबह साढ़े पांच बजे तक तीन झटके
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक, तिब्बत में पहला भूकंप शनिवार रात 1 बजकर 8 मिनट पर आया। इसकी तीव्रता 4.0 और गहराई 15 किलोमीटर दर्ज की गई। दूसरा झटका रात 2 बजकर 7 मिनट पर आया, जिसकी तीव्रता 4.6 और गहराई 10 किलोमीटर थी। तीसरा भूकंप सुबह 5 बजकर 38 मिनट पर दर्ज किया गया। इसकी तीव्रता 4.5 और गहराई 10 किलोमीटर रही।
इसके अलावा, चीन में सुबह 4 बजकर 9 मिनट पर 4.6 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया, जबकि अफगानिस्तान में सुबह करीब 3 बजकर 40 मिनट पर 4.0 तीव्रता का भूकंप आया।
भारत के इन इलाकों में भी दर्ज हुए भूकंप
भारत में जम्मू-कश्मीर के डोडा में 2.8 और किश्तवाड़ में 2.4 तीव्रता के भूकंप दर्ज किए गए। वहीं, कर्नाटक के चिक्कबल्लापुर में 2.9 तीव्रता का झटका महसूस किया गया।
तिब्बत में 7 तीव्रता के भूकंप से भारी नुकसान
इससे पहले गुरुवार, 22 अक्टूबर की रात तिब्बत के नागकू क्षेत्र में 7.0 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था। इस घटना में कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई और 76 लोग घायल हुए। अधिकारियों के मुताबिक, भूकंप के कारण कम से कम 339 मकान ढह गए।
चीनी अधिकारियों ने प्रभावित इलाकों से 12 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। राहत और बचाव कार्य में पांच हजार से अधिक कर्मियों को लगाया गया है। ऊंचाई वाले इलाके में कम तापमान और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण बचाव अभियान में चुनौतियां आ रही हैं।
भूकंप के बाद आने वाले छोटे झटकों को आफ्टरशॉक कहा जाता है। ये मुख्य भूकंप के बाद भी इमारतों और कमजोर संरचनाओं के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं।





