Top 5 This Week

Related Posts

ट्रंप ने सऊदी अरब के साथ परमाणु समझौते को दी मंजूरी, यूरेनियम संवर्धन की राह खुली

वॉशिंगटन/रियाद। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सऊदी अरब के साथ एक बड़े परमाणु सहयोग समझौते को मंजूरी दे दी है। इस समझौते के तहत सऊदी अरब को अपने नागरिक परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के लिए यूरेनियम संवर्धन की क्षमता हासिल करने का रास्ता मिल सकता है। यह कदम मध्य-पूर्व की परमाणु नीति और क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरणों पर असर डाल सकता है।

रिपोर्टों के अनुसार, यह समझौता करीब 30 वर्षों के लिए प्रस्तावित है और इसमें अमेरिकी कंपनियों की भागीदारी के जरिए सऊदी अरब में परमाणु ऊर्जा ढांचे के विकास की योजना शामिल है। समझौते को अंतिम रूप देने से पहले अमेरिकी कांग्रेस की समीक्षा प्रक्रिया से गुजरना होगा।

इस समझौते का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यूरेनियम संवर्धन से जुड़ा प्रावधान है। अभी तक अमेरिका कई देशों के साथ परमाणु सहयोग समझौतों में संवर्धन पर कड़े प्रतिबंध लगाता रहा है, लेकिन सऊदी अरब के मामले में इस मुद्दे पर अलग रुख अपनाए जाने की संभावना जताई जा रही है।

अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि यह समझौता शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा के विकास को बढ़ावा देगा और परमाणु तकनीक के क्षेत्र में अमेरिका की भूमिका मजबूत करेगा। वहीं, आलोचकों ने चिंता जताई है कि यूरेनियम संवर्धन की क्षमता भविष्य में सैन्य उद्देश्यों के लिए भी इस्तेमाल की जा सकती है।

सऊदी अरब लंबे समय से परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम विकसित करने की कोशिश कर रहा है। क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान पहले कह चुके हैं कि अगर ईरान परमाणु हथियार हासिल करता है तो सऊदी अरब भी अपनी सुरक्षा नीति पर पुनर्विचार कर सकता है। इस बयान के कारण क्षेत्रीय परमाणु प्रतिस्पर्धा को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं।

समझौते को लेकर अमेरिकी सांसदों और परमाणु अप्रसार विशेषज्ञों में भी बहस जारी है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि पर्याप्त निगरानी व्यवस्था के बिना यह कदम मध्य-पूर्व में परमाणु प्रसार के जोखिम को बढ़ा सकता है।

यह समझौता अमेरिका और सऊदी अरब के बीच रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, लेकिन इसके सुरक्षा प्रभावों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नजर बनी रहेगी।

 

Popular Articles