नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने समुद्री सुरक्षा को लेकर अपनी गंभीर चिंता व्यक्त की है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से टेलीफोन पर बातचीत कर कहा कि वाणिज्यिक जहाजों और नाविकों पर किसी भी परिस्थिति में हमला नहीं होना चाहिए। भारत ने ऐसे सभी हमलों की कड़ी निंदा करते हुए समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
बातचीत के दौरान जयशंकर ने क्षेत्र में जारी संघर्ष और उससे उत्पन्न हालात पर भारत की गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए समुद्री मार्गों का सुरक्षित रहना बेहद आवश्यक है। इसलिए सभी पक्षों को संयम बरतते हुए ऐसे कदम उठाने चाहिए, जिनसे तनाव कम हो और जहाजों तथा नाविकों की सुरक्षा बनी रहे।
ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने क्षेत्र की मौजूदा स्थिति और चल रही कूटनीतिक कोशिशों के बारे में भारत को जानकारी दी। इस दौरान जयशंकर ने दोहराया कि भारत हमेशा से संवाद और कूटनीति के माध्यम से विवादों के शांतिपूर्ण समाधान का समर्थक रहा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय स्थिरता और शांति बनाए रखने के लिए सभी पक्षों को बातचीत का रास्ता अपनाना चाहिए।
हाल के दिनों में पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव के कारण समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ी है। भारत ने स्पष्ट किया है कि नागरिक जहाजों और नाविकों को किसी भी संघर्ष का निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और आवश्यक कूटनीतिक प्रयास जारी रखे हुए है।





