नई दिल्ली। संसद मार्च के दौरान पुलिसकर्मियों पर हुए हमलों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। पार्टी ने कहा कि लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन सभी का अधिकार है, लेकिन कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाले पुलिसकर्मियों पर हमला किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकता। भाजपा ने दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
भाजपा नेताओं ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान कुछ असामाजिक तत्वों ने हिंसा का रास्ता अपनाया और पुलिस बल पर हमला किया, जिससे कई पुलिसकर्मी घायल हुए। उनका कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन और हिंसक गतिविधियों के बीच स्पष्ट अंतर होना चाहिए तथा कानून हाथ में लेने वालों को किसी प्रकार की छूट नहीं मिलनी चाहिए।
पार्टी ने आरोप लगाया कि विपक्ष पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठा रहा है, लेकिन पुलिस पर हुए हमलों की अनदेखी कर रहा है। भाजपा का कहना है कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना और सुरक्षा बलों पर हमला करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच के साथ दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
भाजपा ने यह भी कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सरकार और पुलिस की संवैधानिक जिम्मेदारी है। यदि प्रदर्शन के दौरान हिंसा होती है या पुलिसकर्मियों पर हमला किया जाता है, तो प्रशासन को कानून के अनुसार कार्रवाई करनी ही होगी। पार्टी ने दोहराया कि किसी भी व्यक्ति या संगठन को कानून से ऊपर नहीं माना जा सकता।
इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। जहां विपक्ष पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है, वहीं भाजपा पुलिस बल का समर्थन करते हुए हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग पर अडिग है।





