ऋषिकेश ,उत्तराखंड की विश्वप्रसिद्ध चारधाम यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू होते ही ऋषिकेश स्थित ट्रांजिट कैंप और रजिस्ट्रेशन केंद्रों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पहले ही दिन हजारों की संख्या में देशभर से आए तीर्थयात्री पहुंच गए, जिससे प्रशासनिक व्यवस्थाएं चरमरा गईं और कई स्थानों पर अव्यवस्था की स्थिति बन गई।
सूत्रों के अनुसार, रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होने के कारण श्रद्धालु सुबह से ही लंबी कतारों में खड़े दिखाई दिए। स्थिति यह रही कि कई जगहों पर भीड़ इतनी अधिक हो गई कि रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया धीमी पड़ गई और यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा। कई श्रद्धालु रात से ही कतारों में डटे रहे ताकि उन्हें यात्रा में शामिल होने का अवसर मिल सके।
भीड़ के दबाव के चलते ट्रांजिट कैंप और आसपास के क्षेत्रों में अफरा-तफरी जैसे हालात बन गए। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर व्यवस्था संभालने का प्रयास किया, लेकिन लगातार बढ़ती भीड़ के कारण नियंत्रण बनाए रखना चुनौतीपूर्ण साबित हुआ।
बताया जा रहा है कि रजिस्ट्रेशन केंद्रों पर अनुमान से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने के कारण संसाधन कम पड़ गए। इसके चलते कुछ स्थानों पर भीड़ प्रबंधन के लिए अतिरिक्त इंतजाम करने पड़े। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे धैर्य बनाए रखें और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ही रजिस्ट्रेशन कराएं।
चारधाम यात्रा में गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ धामों के दर्शन के लिए हर वर्ष लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस बार भी यात्रा को लेकर भारी उत्साह देखने को मिल रहा है, जिसके चलते शुरुआती चरण में ही भीड़ नियंत्रण बड़ी चुनौती बन गई है।
स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि व्यवस्था सुधारने और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त कर्मचारी तैनात किए जा रहे हैं तथा रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को सुचारु बनाने के प्रयास जारी हैं।





