उत्तरकाशी। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में केदारताल ट्रैक पर हिमस्खलन और भारी बर्फबारी के बाद लापता पर्वतारोहियों की तलाश के लिए रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है। गुरुवार को बचाव दल ने दो और पर्वतारोहियों के शव बरामद किए। इसके साथ ही हादसे में मृतकों की संख्या छह हो गई है। अभी दो पर्वतारोही लापता हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।
नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (एनआईएम) और राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) की संयुक्त टीम ने दुर्गम इलाके में खोजबीन के दौरान दोनों शव बरामद किए। इससे पहले बुधवार तक चार शव मिल चुके थे। इनमें लखनऊ निवासी सगी बहनें दीपिका वर्मा और वर्तिका वर्मा भी शामिल थीं।
हेलिकॉप्टर से नहीं लाए जा सके शव
रेस्क्यू अभियान के दौरान खराब मौसम और एयर टर्बुलेंस के कारण गुरुवार को हेलिकॉप्टर से शवों को नीचे नहीं लाया जा सका। अब शुक्रवार को दोनों शवों को हेलिकॉप्टर के माध्यम से मातली हेलीपैड पहुंचाने की तैयारी की गई है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दुल गुसाईं के अनुसार, बचाव दल लगातार अभियान में जुटा हुआ है।
29 अक्टूबर को हिमस्खलन में फंसा था दल
जानकारी के अनुसार, 12 सदस्यीय पर्वतारोहण दल 27 अक्टूबर को गंगोत्री से केदारताल ट्रैक के लिए रवाना हुआ था। 29 अक्टूबर को क्षेत्र में भारी बर्फबारी और कई स्थानों पर हिमस्खलन हुआ, जिसकी चपेट में दल के सदस्य आ गए। चार सदस्यों को 31 अक्टूबर को सुरक्षित बचा लिया गया था। इनमें तीन पोर्टर और एक रसोइया शामिल थे।
इसके बाद से आठ लोग लापता थे। लगातार चलाए जा रहे रेस्क्यू अभियान में अब तक छह लोगों के शव बरामद हो चुके हैं। शेष दो लापता पर्वतारोहियों की तलाश जारी है।
बर्फ और दुर्गम रास्तों से मुश्किलें
केदारताल क्षेत्र में भारी बर्फ जमा होने और मौसम खराब रहने से बचाव दल को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर बर्फ हटाकर आगे बढ़ना पड़ रहा है। प्रशासन और बचाव टीमें लापता पर्वतारोहियों की तलाश में जुटी हैं।





