रांची/धनबाद। झारखंड में माओवाद के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। एक करोड़ रुपये के इनामी और भाकपा (माओवादी) के शीर्ष नेता मिसिर बेसरा को धनबाद जिले के मनियाडीह जंगल क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया। उसके साथ संगठन के दो अन्य सक्रिय माओवादी भी पकड़े गए हैं। यह कार्रवाई केंद्रीय सुरक्षा बलों और झारखंड पुलिस के संयुक्त अभियान के दौरान की गई।
मिसिर बेसरा लंबे समय से देश के सबसे वांछित माओवादी नेताओं में शामिल था। वह संगठन की पोलित ब्यूरो स्तर की नेतृत्व टीम का सदस्य माना जाता था और झारखंड, बिहार, ओडिशा तथा पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में माओवादी गतिविधियों का प्रमुख रणनीतिकार रहा है। उसके खिलाफ हत्या, सुरक्षाबलों पर हमले, हथियार लूट और विस्फोट सहित अनेक गंभीर मामले दर्ज हैं।
सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से उसकी गतिविधियों पर नजर रखे हुए थीं। खुफिया सूचना के आधार पर चलाए गए विशेष अभियान में उसे घेरकर गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद उससे संगठन के नेटवर्क, हथियारों की आपूर्ति और अन्य सक्रिय माओवादी नेताओं के संबंध में पूछताछ की जा रही है।
मिसिर बेसरा की गिरफ्तारी को माओवादी संगठन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। हाल के महीनों में कई माओवादियों के आत्मसमर्पण और लगातार चल रहे अभियानों के बाद यह कार्रवाई नक्सल विरोधी अभियान की महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखी जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इससे झारखंड और आसपास के राज्यों में माओवादी नेटवर्क कमजोर होगा तथा प्रभावित क्षेत्रों में शांति और विकास कार्यों को गति मिलेगी।





