ऋषिकेश। उत्तराखंड के ऋषिकेश में हुए उज्जैनी एक्सप्रेस ट्रेन हादसे के मामले में रेलवे प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। हादसे से संबंधित जांच पूरी होने के बाद आठ लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है। साथ ही लोको पायलट को जिम्मेदारी से हटा दिया गया है।
रेलवे सूत्रों के अनुसार, चार्जशीट में उन लोगों का नाम शामिल किया गया है, जिनकी लापरवाही और सुरक्षा नियमों की अनदेखी से यह हादसा हुआ। लोको पायलट पर ट्रेन के संचालन में सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने का आरोप है। प्रशासन ने कहा कि सभी दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उज्जैनी एक्सप्रेस का यह हादसा पिछले महीने हुआ था, जिसमें कई यात्री घायल हुए थे और ट्रेन के कुछ डिब्बे क्षतिग्रस्त हुए थे। रेलवे अधिकारियों ने दुर्घटना के तुरंत बाद विशेष जांच टीम गठित की थी। टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया और तकनीकी दोषों की समीक्षा के बाद चार्जशीट तैयार की।
रेलवे बोर्ड ने हादसे की जांच रिपोर्ट को गंभीरता से लेते हुए लोको पायलट को तत्काल प्रभाव से हटा दिया। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
घटना के बाद रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा और ट्रेन संचालन में सख्ती बढ़ा दी है। लोको पायलट और अन्य कर्मचारियों के लिए विशेष ट्रेनिंग और सुरक्षा नियमों का पालन अनिवार्य किया गया है।
स्थानीय प्रशासन और रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे सुरक्षित यात्रा नियमों का पालन करें और किसी भी प्रकार की अनियमितता होने पर तुरंत सूचना दें।
विश्लेषकों का कहना है कि रेलवे प्रशासन की यह कार्रवाई संकेत देती है कि भविष्य में ट्रेन हादसों को रोकने के लिए सुरक्षा उपायों में कोई कमी नहीं बरती जाएगी।





