देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने पदक विजेता खिलाड़ियों के लिए शारीरिक शिक्षा शिक्षक (Physical Education Teacher – PET) के पदों की ग्रेड डाउन करने का निर्णय किया है। इस फैसले के बाद पहले उच्च ग्रेड वाले पद अब कम ग्रेड के पदों में बदल दिए गए हैं।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह निर्णय खेल नीति और बजट प्रावधानों के अनुरूप लिया गया है। हालांकि, पदक विजेताओं को सरकारी नौकरी में प्राथमिकता दी जाती रही है, लेकिन अब पदों की ग्रेडिंग में बदलाव से उनकी पदोन्नति और वेतनमान पर प्रभाव पड़ सकता है।
इस बदलाव के तहत राज्य के विभिन्न जिलों में पदक विजेता खिलाड़ियों को पीईटी के रूप में नियुक्त करने की प्रक्रिया में संशोधन किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि यह कदम खेल विभाग और शिक्षा विभाग के बीच समन्वय से लागू किया जाएगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि पदक विजेताओं के लिए सरकारी नौकरियों में प्रोत्साहन देना खेलों के प्रति युवाओं की रुचि बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन पदों की ग्रेड डाउन से इससे जुड़ी आकर्षक सुविधा प्रभावित हो सकती है। इस निर्णय के बाद सरकार ने कहा है कि खिलाड़ी अब भी प्राथमिकता के आधार पर भर्ती प्रक्रिया में शामिल होंगे, लेकिन उनके पद और वेतन पहले जैसी स्थिति में नहीं रहेंगे।
खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों में इस फैसले को लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कुछ का कहना है कि यह निर्णय खेल प्रतिभाओं के सम्मान में कमी लाएगा, जबकि अधिकारियों का मानना है कि बजट और प्रशासनिक संतुलन के कारण यह कदम जरूरी था।
सरकार ने कहा है कि पदक विजेताओं की भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहेगी और योग्य उम्मीदवारों को सभी निर्धारित लाभ उपलब्ध होंगे। खेल विभाग ने भी यह सुनिश्चित किया है कि खिलाड़ियों को ट्रेनिंग और कैरियर मार्गदर्शन में कोई कमी न हो।
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब राज्य में खेलों और युवा प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए कई नई योजनाओं पर काम चल रहा है। हालांकि, पदों की ग्रेड डाउन से खिलाड़ियों के मनोबल पर असर पड़ने की संभावना है, इसलिए विभाग ने आश्वासन दिया है कि भर्ती और प्रशिक्षण में कोई रुकावट नहीं आएगी।





