देहरादून। उत्तराखंड में आर्थिक और रोजगार के मोर्चे पर सकारात्मक संकेत सामने आए हैं। राज्य में बेरोजगारी दर में 4.4 प्रतिशत की उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है, जबकि प्रति व्यक्ति आय में 41 प्रतिशत की बड़ी बढ़ोतरी हुई है। यह जानकारी राज्य सरकार द्वारा जारी हालिया आर्थिक आंकड़ों में सामने आई है।
सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में रोजगार सृजन, निवेश बढ़ाने और स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने के लिए लागू की गई नीतियों का असर अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। उद्योग, पर्यटन, निर्माण और सेवा क्षेत्रों में बढ़ी गतिविधियों के चलते रोजगार के नए अवसर उत्पन्न हुए हैं, जिससे बेरोजगारी दर में गिरावट दर्ज की गई है।
आंकड़ों में यह भी बताया गया है कि राज्य की प्रति व्यक्ति आय में 41 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो राज्य की आर्थिक स्थिति में सुधार का संकेत माना जा रहा है। इस वृद्धि से आम लोगों की आय क्षमता बढ़ी है और बाजार में उपभोक्ता खर्च में भी सुधार देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस उपलब्धि को राज्य की विकास नीति और सतत आर्थिक सुधारों का परिणाम बताया है। उन्होंने कहा कि सरकार का फोकस निवेश आकर्षित करने, युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देने और स्टार्टअप को बढ़ावा देने पर रहा है, जिसका सकारात्मक असर अब दिख रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था, बुनियादी ढांचे के विस्तार और सरकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन ने राज्य की आर्थिक वृद्धि को गति दी है। हालांकि, कुछ विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों को और मजबूत करने की आवश्यकता बनी हुई है।
सरकार का दावा है कि आने वाले समय में औद्योगिक निवेश, ऊर्जा परियोजनाओं और पर्यटन क्षेत्र में और अधिक विस्तार किया जाएगा, जिससे रोजगार के अवसरों में और वृद्धि होगी।
कुल मिलाकर, उत्तराखंड के आर्थिक संकेतक सकारात्मक दिशा में बढ़ते दिख रहे हैं, जो राज्य के विकास की रफ्तार को मजबूत आधार प्रदान करते हैं।





