देहरादून। उत्तराखंड के छात्र लकी रावत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन किया है। उन्हें वर्ष 2026 के ‘आइसब्रेकर ऑफ नॉलेज’ (Icebreaker of Knowledge) अभियान के लिए भारत के एकमात्र छात्र प्रतिनिधि के रूप में चुना गया है। इस उपलब्धि के बाद प्रदेश में खुशी का माहौल है। लकी अब नॉर्थ पोल (उत्तरी ध्रुव) की शैक्षणिक और वैज्ञानिक यात्रा में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।
लकी रावत का चयन अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के माध्यम से हुआ है, जिसमें दुनिया के कई देशों के छात्र शामिल हुए थे। इस प्रतियोगिता में करीब 5,000 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया, जिनमें से प्रत्येक देश से चयनित छात्रों को नॉर्थ पोल अभियान में शामिल होने का अवसर मिलेगा। भारत से लकी रावत का चयन इस उपलब्धि को खास बनाता है।
‘आइसब्रेकर ऑफ नॉलेज’ एक अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक परियोजना है, जिसके तहत चयनित छात्रों को परमाणु ऊर्जा से संचालित आइसब्रेकर पोत के माध्यम से नॉर्थ पोल की यात्रा कराई जाती है। इस दौरान छात्रों को विज्ञान, तकनीक, पर्यावरण और ध्रुवीय अनुसंधान से जुड़ी जानकारियां विशेषज्ञों से सीखने का अवसर मिलता है।
लकी रावत के चयन पर परिजनों, शिक्षकों और क्षेत्रवासियों ने खुशी जताई है। लोगों का कहना है कि यह उपलब्धि उत्तराखंड के युवाओं की प्रतिभा और वैज्ञानिक सोच को दर्शाती है। लकी की सफलता से राज्य के अन्य विद्यार्थियों को भी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।
बताया जा रहा है कि नॉर्थ पोल अभियान के दौरान चयनित छात्र वैज्ञानिक गतिविधियों, विशेषज्ञ व्याख्यानों और विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। इस यात्रा का उद्देश्य युवाओं में विज्ञान और भविष्य की तकनीकों के प्रति रुचि बढ़ाना है।
लकी रावत की यह उपलब्धि उत्तराखंड के लिए गौरव का विषय बन गई है। इससे पहले भी राज्य के कई युवाओं ने शिक्षा, विज्ञान और साहसिक अभियानों में देश का प्रतिनिधित्व किया है। अब लकी अंतरराष्ट्रीय ध्रुवीय अभियान में भारत की नई पीढ़ी की वैज्ञानिक जिज्ञासा का प्रतिनिधित्व करेंगे।




