पश्चिम एशिया में जारी संकट और बढ़ती ईंधन चिंताओं के बीच त्रिपुरा सरकार ने सरकारी खर्च और पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार ने ग्रुप ‘सी’ और ग्रुप ‘डी’ कर्मचारियों के लिए 50 प्रतिशत ‘वर्क फ्रॉम होम’ व्यवस्था लागू कर दी है।
राज्य के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार सभी विभागाध्यक्ष यह सुनिश्चित करेंगे कि प्रतिदिन केवल आधे कर्मचारी कार्यालय आएं, जबकि शेष कर्मचारी घर से काम करेंगे। इसके लिए साप्ताहिक रोस्टर प्रणाली लागू की जाएगी और कर्मचारियों को बारी-बारी से कार्यालय बुलाया जाएगा।
सरकार ने निर्देश दिया है कि घर से काम करने वाले कर्मचारी फोन और इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से हर समय उपलब्ध रहें और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्यालय पहुंचें। पहले सप्ताह में उन कर्मचारियों को प्राथमिकता देने को कहा गया है जो कार्यालय के निकट रहते हैं, ताकि ईंधन की खपत और आवागमन का दबाव कम किया जा सके।
यह व्यवस्था सार्वजनिक उपक्रमों, स्थानीय निकायों, स्वायत्त संस्थाओं और अधीनस्थ कार्यालयों पर भी लागू करने की सलाह दी गई है। हालांकि आवश्यक और आपातकालीन सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों को इससे बाहर रखा गया है।
बताया जा रहा है कि यह फैसला प्रधानमंत्री Narendra Modi की उस अपील के बाद लिया गया, जिसमें उन्होंने देशवासियों से ईंधन बचाने, सार्वजनिक परिवहन अपनाने, कारपूलिंग बढ़ाने और जहां संभव हो वहां ‘वर्क फ्रॉम होम’ को प्राथमिकता देने की बात कही थी।





