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अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई की सेहत पर विराम: भारत में उप-प्रतिनिधि ने अफवाहों को किया खारिज; बोले— ‘वे पूरी तरह स्वस्थ और ठीक हैं’

नई दिल्ली: ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला सैयद मोजतबा खामेनेई के स्वास्थ्य को लेकर पिछले कुछ दिनों से वैश्विक स्तर पर चल रही तमाम अटकलों और अफवाहों पर अब आधिकारिक रूप से पूर्ण विराम लग गया है। भारत में उनके उप-प्रतिनिधि डॉ. मोहम्मद हुसैन जियाईनिया ने मंगलवार को एक विशेष वक्तव्य जारी करते हुए स्पष्ट किया कि सर्वोच्च नेता पूरी तरह स्वस्थ हैं और उनकी हालत बिल्कुल अच्छी है। उन्होंने मोजतबा खामेनेई की सेहत बिगड़ने संबंधी सभी खबरों को निराधार और गलत करार दिया है।

सीधी बातचीत का हवाला: अफवाहें पूरी तरह गलत

डॉ. मोहम्मद हुसैन जियाईनिया ने एक साक्षात्कार के दौरान सर्वोच्च नेता के स्वास्थ्य के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की।

  • हालिया संपर्क: डॉ. जियाईनिया ने बताया कि उनकी दो दिन पहले ही सर्वोच्च नेता के कार्यालय और उनसे संबंधित तंत्र से बातचीत हुई है। इस बातचीत के आधार पर उन्होंने पुष्टि की कि अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई सामान्य रूप से अपने कार्य कर रहे हैं।
  • बीमारी की खबरों का खंडन: उन्होंने जोर देकर कहा, “हमारे सुप्रीम लीडर हजरत अयातुल्ला सैयद मोजतबा खामेनेई की हालत अच्छी है। ये सभी अफवाहें कि उनकी सेहत ठीक नहीं है या उन्हें कुछ शारीरिक दिक्कतें हैं, पूरी तरह से असत्य हैं।”

अंतरराष्ट्रीय अटकलों का बाजार था गर्म

गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया और कुछ विदेशी समाचार एजेंसियों द्वारा यह दावा किया जा रहा था कि ईरान के सर्वोच्च नेता की तबीयत नासाज है और वे सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूरी बना रहे हैं।

  • कूटनीतिक महत्व: ईरान की सत्ता संरचना में सर्वोच्च नेता का पद अत्यंत प्रभावशाली होता है, इसलिए उनकी सेहत से जुड़ी छोटी सी खबर भी पूरी दुनिया, विशेषकर मध्य पूर्व की राजनीति में हलचल पैदा कर देती है।
  • भ्रम दूर करने की कोशिश: भारत में उनके प्रतिनिधि कार्यालय द्वारा जारी इस बयान को उसी भ्रम को दूर करने और समर्थकों के बीच विश्वास बहाल करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

समर्थकों के लिए राहत की खबर

डॉ. जियाईनिया के इस बयान के बाद ईरान और दुनिया भर में उनके अनुयायियों ने राहत की सांस ली है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सर्वोच्च नेता के स्वास्थ्य के संबंध में केवल आधिकारिक स्रोतों से मिली जानकारी पर ही विश्वास किया जाना चाहिए।

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