चंडीगढ़/नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर अपनी चुनावी तैयारियों को तेज कर दिया है। पार्टी ने इस बार संगठनात्मक और राजनीतिक रणनीति को और मजबूत करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को अभियान की कमान सौंपी है। इसे पंजाब में भाजपा की आक्रामक चुनावी तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, अमित शाह ने पंजाब मिशन को लेकर वरिष्ठ नेताओं और संगठन पदाधिकारियों के साथ कई दौर की बैठकें की हैं। इन बैठकों में बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने, नए वोट बैंक को जोड़ने और राज्य में पार्टी के जनाधार को विस्तार देने पर विशेष जोर दिया गया है।
भाजपा का फोकस इस बार राज्य के बदलते राजनीतिक समीकरणों पर है। पार्टी का मानना है कि पंजाब में पारंपरिक राजनीति के साथ-साथ विकास, कानून-व्यवस्था और युवाओं से जुड़े मुद्दे निर्णायक भूमिका निभाएंगे। इसी को ध्यान में रखते हुए अभियान को तीन प्रमुख स्तंभों—संगठन विस्तार, जनसंपर्क और मुद्दा आधारित राजनीति—पर केंद्रित किया गया है।
पार्टी रणनीति के तहत केंद्र सरकार की योजनाओं को गांव-गांव और शहर-शहर तक पहुंचाने की योजना भी बनाई गई है। साथ ही स्थानीय नेतृत्व को मजबूत करने और नए चेहरों को आगे लाने पर भी विचार किया जा रहा है।
सूत्रों का कहना है कि भाजपा पंजाब में सभी 117 विधानसभा सीटों पर स्वतंत्र रूप से या संभावित राजनीतिक समीकरणों के साथ चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। हालांकि गठबंधन को लेकर अंतिम निर्णय परिस्थितियों के अनुसार लिया जाएगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अमित शाह की सीधी निगरानी में अभियान चलना इस बात का संकेत है कि भाजपा पंजाब में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने के लिए गंभीर रणनीति अपना रही है। पार्टी 2027 के चुनाव को लेकर अभी से जमीन तैयार करने में जुट गई है।
गौरतलब है कि पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव राजनीतिक रूप से बेहद अहम माने जा रहे हैं, जहां आम आदमी पार्टी, कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और भाजपा के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है।





