नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी के निजी सहायक (PA) सुमित राय से सालबोनी भूमि हड़पने के मामले में हुई पूछताछ के रिकॉर्ड पश्चिम बंगाल सरकार से तलब किए हैं। अदालत ने पूछताछ की वीडियो रिकॉर्डिंग और ट्रांसक्रिप्ट भी पेश करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 7 सितंबर को होगी।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ सुमित राय की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। राय ने कलकत्ता हाई कोर्ट के 6 अगस्त के आदेश को चुनौती दी है, जिसमें उन्हें मामले में अग्रिम जमानत देने से इनकार किया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल राय को गिरफ्तारी से मिली सुरक्षा अगली सुनवाई तक बढ़ा दी है।
सुनवाई के दौरान राय की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने दावा किया कि उनके मुवक्किल से करीब 11 दिनों तक पूछताछ की गई और पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग हुई। उन्होंने कहा कि राय ने जांच में पूरा सहयोग किया और पूछताछ के दौरान चुप रहने का अधिकार नहीं लिया।
वकील का आरोप था कि जांचकर्ताओं ने भूमि हड़पने के मामले से जुड़े सवालों के बजाय राय से उनके परिवार और तृणमूल कांग्रेस की गतिविधियों, भर्ती प्रक्रिया तथा पार्टी की फंडिंग के बारे में अधिक सवाल किए। उनके अनुसार, राय के खिलाफ करीब 10 लाख रुपये के लेन-देन से जुड़ा आरोप है, लेकिन पूछताछ के दौरान इस विशेष लेन-देन को लेकर पर्याप्त सवाल नहीं किए गए।
हालांकि, पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इन आरोपों से असहमति जताई। उन्होंने कहा कि जांचकर्ताओं ने प्रासंगिक पहलुओं पर पूछताछ की है। उन्होंने राय से उनके व्यक्तिगत बैंक खाते में नकदी जमा होने से जुड़े सवाल पूछे जाने का भी उल्लेख किया।
इस पर मुख्य न्यायाधीश ने पूछताछ के दौरान दिए गए सवाल-जवाब के ट्रांसक्रिप्ट तथा ऑडियो-वीडियो रिकॉर्ड अदालत के सामने रखने को कहा। अदालत अब इन रिकॉर्ड की समीक्षा के बाद मामले में आगे की दिशा तय करेगी।





