नई दिल्ली। दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष का प्रदर्शन लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। जंतर-मंतर की ओर जाते समय कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई विपक्षी सांसदों को पुलिस ने हिरासत में लिया। करीब दो घंटे बाद सभी को रिहा कर दिया गया। इसके बाद राहुल गांधी विपक्षी सांसदों के साथ राजघाट के लिए रवाना हुए।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अगुआई में विपक्षी सांसदों ने कनॉट प्लेस स्थित मोएट्स रेस्टोरेंट में बैठक और लंच के बाद राजघाट जाने का फैसला किया। विपक्षी दलों का कहना है कि वे वहां महात्मा गांधी की समाधि पर श्रद्धांजलि देने के साथ शांतिपूर्ण धरना देंगे। राजघाट के आसपास सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है।
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करना चाहता है, लेकिन उसे प्रदर्शन करने से रोका जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान उनके कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की गई। राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष का आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते।
वहीं, मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि सरकार लोगों के वोट देने के अधिकार को प्रभावित कर रही है। उन्होंने कहा कि विपक्षी सांसद राजघाट पर शांतिपूर्वक बैठकर देश और लोकतंत्र के हित में प्रार्थना करेंगे।
विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि SIR की प्रक्रिया में अनियमितताएं हैं। हालांकि, चुनाव आयोग और भाजपा ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है।
प्रदर्शन के मद्देनजर राजघाट और मध्य दिल्ली के कई हिस्सों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। दिल्ली पुलिस ने राजघाट पर भीड़ जुटने से रोकने के लिए प्रतिबंधात्मक आदेश भी लागू किए हैं।





