नई दिल्ली। तीस हजारी स्थित फास्ट ट्रैक कोर्ट ने चलती बस में नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में बस चालक और कंडक्टर के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। अदालत ने आरोपितों के खिलाफ नाबालिग के अपहरण और पॉक्सो एक्ट के तहत आरोप तय किए हैं। मामले में अब 24 अक्टूबर से मुकदमे की सुनवाई शुरू होगी।
मामला चार अगस्त का है। ग्रेटर नोएडा के परी चौक से कश्मीरी गेट जा रही विश्वनाथ टूर एंड ट्रैवल की बस में एक 16 वर्षीय किशोरी के साथ कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म किया गया था। बस का नंबर यूपी 83 ईटी 3789 बताया गया है। मामले में चालक की पहचान कुलदीप और कंडक्टर की पहचान संदीप के रूप में हुई है।
जानकारी के अनुसार, किशोरी तीन अगस्त को अपनी मां से नाराज होकर नोएडा चली गई थी। अगले दिन परी चौक से वह गलती से दूसरी बस में सवार हो गई। आरोप है कि इसी दौरान चालक और कंडक्टर ने उसका फायदा उठाया और बस को दिल्ली की ओर ले जाते समय उसके साथ वारदात की।
पीड़िता ने दिल्ली के कश्मीरी गेट थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पांच अगस्त को दोनों आरोपितों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने सितंबर में अदालत में आरोपपत्र भी दाखिल किया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी सुनवाई तीस हजारी की फास्ट ट्रैक कोर्ट में हो रही है। अदालत द्वारा आरोप तय किए जाने के बाद अब अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों और गवाहों की सुनवाई होगी।
घटना के बाद विश्वनाथ टूर एंड ट्रैवल के नोएडा सेक्टर-44 स्थित कार्यालय को बंद कर दिया गया था और वहां लगा कंपनी का बोर्ड भी हटा दिया गया था।
अदालत के आरोप तय करने के बाद अब इस मामले में नियमित सुनवाई का रास्ता साफ हो गया है।





