नई दिल्ली। भारत में विकसित स्वदेशी असॉल्ट राइफल ‘उग्रम’ ने सभी आवश्यक परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इसके बाद इस अत्याधुनिक हथियार को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) में शामिल किए जाने का रास्ता साफ हो गया है। रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
रक्षा सूत्रों के अनुसार, 7.62×51 मिमी कैलिबर की उग्रम राइफल का विभिन्न परिचालन परिस्थितियों में व्यापक परीक्षण किया गया। परीक्षण के दौरान इसकी सटीकता, विश्वसनीयता, मजबूती और संचालन क्षमता का मूल्यांकन किया गया, जिसमें राइफल सफल रही। सीएपीएफ के परीक्षण दल ने इसकी तुलना पहले से इस्तेमाल की जा रही विदेशी सिग-716 राइफल से भी की, जिसमें उग्रम का प्रदर्शन बेहतर पाया गया।
उग्रम राइफल का विकास रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की आर्मामेंट रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट (एआरडीई) और निजी क्षेत्र की कंपनी द्वीपा आर्मर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने संयुक्त रूप से किया है। इसे सेना, अर्द्धसैनिक बलों और राज्य पुलिस की परिचालन आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है।
इस राइफल की प्रभावी मारक क्षमता लगभग 500 मीटर है और इसका वजन चार किलोग्राम से कम रखा गया है, जिससे इसे कठिन इलाकों में भी आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि उग्रम भविष्य में पुराने हथियारों की जगह लेने के साथ-साथ स्वदेशी रक्षा उत्पादन को भी नई मजबूती देगी।
रक्षा क्षेत्र में ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के तहत विकसित यह राइफल देश की स्वदेशी सैन्य तकनीक को नई पहचान देने वाली परियोजनाओं में शामिल मानी जा रही है। इसके बड़े पैमाने पर उत्पादन और विभिन्न सुरक्षा बलों में चरणबद्ध तैनाती की दिशा में आगे की प्रक्रिया जल्द शुरू होने की संभावना है।





