उत्तरकाशी। यमुनोत्री हाईवे स्थित सिलक्यारा टनल में हुए हादसे की अब मजिस्ट्रेटी जांच कराई जाएगी। जिला प्रशासन ने घटना के कारणों का पता लगाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के उद्देश्य से जांच के आदेश दिए हैं। जांच अधिकारी को 15 दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
जानकारी के अनुसार, निर्माणाधीन सिलक्यारा टनल में काम के दौरान हुए हादसे के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया। जांच के दौरान टनल निर्माण कार्य की सुरक्षा व्यवस्था, तकनीकी मानकों के पालन और हादसे के संभावित कारणों की पड़ताल की जाएगी।
प्रशासन यह भी जांच करेगा कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा था या नहीं। इसके अलावा टनल में काम कर रहे श्रमिकों की सुरक्षा के लिए किए गए इंतजामों और निगरानी व्यवस्था की भी समीक्षा की जाएगी।
सिलक्यारा टनल चारधाम ऑल वेदर रोड परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे पहले भी नवंबर 2023 में इसी टनल में भूस्खलन के कारण 41 श्रमिक फंस गए थे। कई दिनों तक चले बचाव अभियान के बाद सभी श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया था।
हालिया हादसे के बाद प्रशासन ने संबंधित विभागों को सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, ताकि भविष्य में निर्माणाधीन परियोजनाओं में सुरक्षा मानकों को और मजबूत किया जा सके।
सिलक्यारा टनल उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में बेहतर कनेक्टिविटी के उद्देश्य से बनाई जा रही प्रमुख परियोजनाओं में शामिल है। क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए टनल निर्माण में सुरक्षा और तकनीकी सावधानियों को विशेष महत्व दिया जाता है।





