नई दिल्ली। दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला पीजी इमारत ढहने के मामले में पुलिस ने बुधवार को पीजी संचालक सुधांशु को गिरफ्तार कर लिया। इस दर्दनाक हादसे में सात लोगों की मौत हुई थी। पुलिस अब हादसे के पीछे लापरवाही, निर्माण और मरम्मत कार्य से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।
जानकारी के मुताबिक, हादसे के समय इमारत में मरम्मत और निर्माण से जुड़ा काम चल रहा था। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि निर्माण गतिविधियों और इमारत की संरचनात्मक स्थिति ने हादसे में अहम भूमिका निभाई। करीब चार दशक पुरानी इस इमारत में अतिरिक्त मंजिलें बनाए जाने और ढांचे की मजबूती को लेकर भी सवाल उठे हैं।
पुलिस ने इस मामले में अब तक कई लोगों को गिरफ्तार किया है। सुधांशु की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा पीजी संचालन और वहां चल रहे निर्माण कार्यों तक भी बढ़ गया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि सुरक्षा मानकों और निर्माण नियमों का पालन किया गया था या नहीं।
हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम ने भी कार्रवाई करते हुए पांच अधिकारियों को निलंबित किया है। प्रशासन की ओर से आसपास की जर्जर इमारतों की जांच और आवश्यक होने पर उन्हें खाली कराने तथा गिराने की कार्रवाई की जा रही है।
सत्य निकेतन हादसे ने दिल्ली में छात्रों और युवाओं के लिए संचालित पीजी की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद सुरक्षित आवास, भवनों के स्ट्रक्चरल ऑडिट और अवैध निर्माण पर सख्त कार्रवाई की मांग भी तेज हो गई है।




