देहरादून | भारतीय निशानेबाजी के दिग्गज और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करने वाले पूर्व शूटर एवं कोच जसपाल राणा को आज भावभीनी अंतिम विदाई दी जा रही है। उनके निधन के बाद उनका पार्थिव शरीर देहरादून स्थित आवास पर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया, जहां खेल जगत, राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र की कई हस्तियों ने पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
जसपाल राणा के निधन से पूरे उत्तराखंड और खेल जगत में शोक की लहर है। परिजनों, समर्थकों और खिलाड़ियों की आंखें नम रहीं। लोग उन्हें एक महान खिलाड़ी, समर्पित कोच और प्रेरणादायक व्यक्तित्व के रूप में याद कर रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, उनके पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए वाराणसी ले जाया जाएगा, जहां पूरे विधि–विधान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। परिवार ने निर्णय लिया है कि अंतिम संस्कार गंगा तट पर किया जाएगा।
देहरादून स्थित उनके आवास पर सुबह से ही लोगों का तांता लगा रहा। विभिन्न खेल संगठनों, शूटिंग अकादमी के खिलाड़ियों और स्थानीय नागरिकों ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान “जसपाल राणा अमर रहें” के नारे भी गूंजते रहे।
जसपाल राणा का नाम भारतीय शूटिंग इतिहास के सबसे सफल खिलाड़ियों में शामिल रहा है। उन्होंने एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स में देश के लिए कई पदक जीते। बाद में उन्होंने कोच के रूप में भी भारतीय निशानेबाजों, विशेषकर युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उनके निधन को खेल जगत ने अपूरणीय क्षति बताया है। कई प्रमुख खिलाड़ियों और खेल अधिकारियों ने कहा कि जसपाल राणा की कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी, क्योंकि उन्होंने भारतीय शूटिंग को नई पहचान और दिशा दी।





