देहरादून/हरिद्वार | आगामी कुंभ मेला 2027 को ध्यान में रखते हुए हरिद्वार के विद्युत ढांचे (पावर नेटवर्क) को मजबूत और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य सरकार ने शहर के पावर इंफ्रास्ट्रक्चर के व्यापक उन्नयन (अपग्रेडेशन) को मंजूरी दे दी है, जिससे श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
प्रस्तावित योजना के तहत हरिद्वार में बिजली वितरण प्रणाली को और अधिक सुरक्षित, सक्षम और तकनीकी रूप से उन्नत किया जाएगा। इसके अंतर्गत नए सब-स्टेशनों की क्षमता बढ़ाने, पुरानी लाइनों के पुनर्निर्माण, भूमिगत केबलिंग और स्मार्ट मॉनिटरिंग सिस्टम को लागू करने पर जोर दिया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार कुंभ मेले के दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना को देखते हुए यह कदम बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बिजली आपूर्ति व्यवस्था को 24×7 सुचारु रखने के लिए नियंत्रण प्रणाली (कंट्रोल एंड कमांड सिस्टम) को भी मजबूत किया जाएगा, ताकि किसी भी तकनीकी खराबी या आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
सूत्रों का कहना है कि हरिद्वार में गंगा घाटों, प्रमुख स्नान स्थलों, अस्थायी शिविरों और प्रमुख मार्गों पर विशेष बिजली व्यवस्था की जाएगी। साथ ही, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सुरक्षा के दृष्टिकोण से हाई-टेक निगरानी और फॉल्ट डिटेक्शन सिस्टम भी लगाए जाएंगे।
सरकारी स्तर पर इस परियोजना को कुंभ 2027 की तैयारियों का एक अहम हिस्सा माना जा रहा है, जिसके तहत शहर के समग्र बुनियादी ढांचे को आधुनिक स्वरूप देने का लक्ष्य रखा गया है। इससे न केवल मेले के दौरान व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि लंबे समय तक स्थानीय नागरिकों को भी बेहतर बिजली आपूर्ति का लाभ मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह उन्नयन हरिद्वार को एक स्मार्ट तीर्थ नगरी के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। कुंभ मेला 2027 को देखते हुए राज्य सरकार लगातार विभिन्न विभागों के साथ समन्वय कर तेजी से तैयारियों को अंतिम रूप दे रही है।





