चेन्नई। तमिलनाडु में मुख्यमंत्री और तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) प्रमुख सी. जोसेफ विजय को भावी प्रधानमंत्री के तौर पर पेश किए जाने को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। TVK नेताओं के इस दावे पर कांग्रेस ने तंज कसते हुए कहा कि किसी पार्टी के नेता अपने शीर्ष नेता के लिए बड़े सपने देख सकते हैं, लेकिन प्रधानमंत्री बनने के लिए लोकसभा में बहुमत का समर्थन जरूरी है।
कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ताओं को अपने नेता के प्रति प्रेम, सम्मान और उम्मीद रखने का पूरा अधिकार है। हालांकि, राष्ट्रीय राजनीति में प्रधानमंत्री पद का फैसला लोकसभा में बहुमत के आधार पर होता है। उनके मुताबिक, जिस दल या गठबंधन के पास सदन में बहुमत का समर्थन होगा, उसी के नेता के प्रधानमंत्री बनने की संवैधानिक स्थिति बनेगी।
‘फैन क्लब मानसिकता’ पर भी निशाना
तमिलनाडु कांग्रेस अध्यक्ष माणिकम टैगोर ने भी TVK के रुख पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि पार्टी के नेता अभी भी ‘फैन क्लब’ वाली मानसिकता से बाहर नहीं निकल पाए हैं। उनका इशारा विजय के फिल्मी प्रशंसकों से राजनीतिक समर्थन आधार में बदलने की कोशिशों की ओर था।
दरअसल, TVK के कुछ नेताओं ने हाल में विजय को 2029 के लोकसभा चुनाव के लिए प्रधानमंत्री पद के संभावित दावेदार के रूप में पेश किया है। तमिलनाडु के मंत्री एम. सरथकुमार ने विजय को देश का अगला प्रधानमंत्री बनने की क्षमता रखने वाला नेता बताया। पार्टी नेता आधव अर्जुन ने भी दक्षिण भारत से प्रधानमंत्री बनने की आवश्यकता पर जोर दिया।
राष्ट्रीय राजनीति की ओर TVK के संकेत
विजय की राष्ट्रीय भूमिका को लेकर TVK नेताओं के लगातार बयानों ने तमिलनाडु की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। एक ओर पार्टी अपने नेता की राष्ट्रीय स्वीकार्यता का दावा कर रही है, वहीं कांग्रेस इस तरह की महत्वाकांक्षाओं को फिलहाल राजनीतिक वास्तविकताओं से जोड़कर देख रही है।
ऐसे में विजय को प्रधानमंत्री पद के संभावित चेहरे के रूप में पेश करने की कवायद 2029 के लोकसभा चुनाव से काफी पहले ही तमिलनाडु की सियासत में चर्चा का विषय बन गई है।





