काठमांडू। नेपाल की पहली आधुनिक सड़क सुरंग नागढुंगा-सिस्नेखोला सुरंगमार्ग सोमवार से आम लोगों के लिए खोल दिया गया। करीब 80 महीने के निर्माण कार्य के बाद शुरू हुई यह परियोजना नेपाल के परिवहन ढांचे में महत्वपूर्ण बदलाव मानी जा रही है। सुरंग के चालू होने से काठमांडू और देश के पश्चिमी हिस्सों के बीच आवागमन सुगम होने के साथ व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।
नागढुंगा सुरंगमार्ग काठमांडू को नौबिसे क्षेत्र से जोड़ता है। राजधानी में प्रवेश और निकास के लिए इस्तेमाल होने वाले इस व्यस्त मार्ग पर अक्सर यातायात दबाव और जाम की स्थिति बनी रहती है। नई सुरंग के संचालन से पहाड़ी मार्ग पर यात्रा का समय कम होने और वाहनों की आवाजाही अधिक व्यवस्थित होने की उम्मीद है।
सुरंग का निर्माण जापान के सहयोग से किया गया है। परियोजना के लिए जापान से करीब 21.5 अरब नेपाली रुपये का रियायती ऋण और नेपाल सरकार की ओर से लगभग छह अरब रुपये का निवेश किया गया है। सुरंग का निर्माण वर्ष 2019 में शुरू हुआ था।
सुरंग को चरणबद्ध तरीके से वाहनों के लिए खोला जा रहा है। शुरुआती संचालन में आपातकालीन वाहनों को प्राथमिकता दी गई है। इसके बाद पात्र वाहनों को प्रवेश दिया जा रहा है। सुरक्षा कारणों से मोटरसाइकिल, पैदल यात्री, तीनपहिया और गैर-मोटर चालित वाहनों को सुरंग में प्रवेश की अनुमति नहीं है। पेट्रोल, डीजल, गैस जैसे अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थ और विस्फोटक सामग्री ले जाने वाले वाहनों पर भी प्रतिबंध रहेगा।
सुरंग के इस्तेमाल के लिए वाहनों से शुल्क लिया जाएगा। भुगतान की सुविधा नकद के साथ आरएफआईडी आधारित एन-टैग के जरिए भी उपलब्ध कराई गई है। अधिकारियों के अनुसार, सुरंग के संचालन से न केवल राजधानी की यातायात व्यवस्था में सुधार होगा, बल्कि माल परिवहन और व्यापारिक संपर्क को भी मजबूती मिलेगी।
नेपाल के लिए यह परियोजना आधुनिक सुरंग परिवहन के नए दौर की शुरुआत के तौर पर देखी जा रही है।





