देहरादून। उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और उनके पति गिरधारी लाल साहू से जुड़े मामले में जांच तेज हो गई है। विशेष जांच दल (एसआईटी) गुरुवार को विवादित ऑडियो को न्यायालय के माध्यम से फोरेंसिक जांच के लिए भेज सकता है। इसके लिए आवश्यक दस्तावेजी कार्रवाई पूरी कर ली गई है। वहीं, पुलिस गिरधारी लाल साहू की तलाश में जुटी है। उसके नेपाल भागने की आशंका भी जताई जा रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
वायरल ऑडियो की होगी तकनीकी जांच
मामले में सामने आए ऑडियो को लेकर दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं। रेखा आर्या ने इस रिकॉर्डिंग को मामले से जुड़े आरोपों के संदर्भ में सामने रखा है, जबकि गिरधारी लाल साहू इसे फर्जी बताते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से तैयार किए जाने का दावा कर चुके हैं।
ऐसे में फोरेंसिक जांच के जरिए ऑडियो की प्रामाणिकता, उसमें संभावित छेड़छाड़ और आवाज से जुड़े तकनीकी पहलुओं की पड़ताल की जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही रिकॉर्डिंग की विश्वसनीयता को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
मंत्री के बयान दर्ज, दस्तावेज जुटा रही एसआईटी
रेखा आर्या ने 15 अक्टूबर को देहरादून के कैंट थाने में अपने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने उत्पीड़न, मारपीट, धोखाधड़ी, जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल और जान से मारने की साजिश जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कंपनी के दस्तावेजों में कथित जालसाजी कर निदेशक पद से हटाए जाने का आरोप भी लगाया है।
मामले की जांच के लिए एसपी देहात जया बलोनी के नेतृत्व में 10 सदस्यीय एसआईटी गठित की गई है। टीम ने रेखा आर्या के बयान दर्ज कर लिए हैं और मामले से संबंधित दस्तावेज व अन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस आरोपों की स्वतंत्र रूप से जांच कर रही है।
गिरधारी साहू की तलाश जारी
जांच के बीच गिरधारी लाल साहू का पता नहीं चल पाने से पुलिस की चुनौती बढ़ गई है। आशंका जताई जा रही है कि वह उत्तर प्रदेश के रास्ते नेपाल जा सकता है या सीमा पार कर चुका हो सकता है। हालांकि, उसके नेपाल पहुंचने की पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उसकी तलाश कर रही है। अब फोरेंसिक रिपोर्ट, कंपनी से जुड़े दस्तावेजों की जांच और संबंधित लोगों के बयानों को मामले में अहम माना जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की सत्यता और आगे की कार्रवाई की दिशा स्पष्ट होगी।





