Top 5 This Week

Related Posts

प्रियंका गांधी के बेटे रेहान वाड्रा की प्रदर्शनी से हटाईं 74 तस्वीरें, विरोध प्रदर्शनों की फोटो पर विवाद

नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के बेटे और फोटोग्राफर रेहान वाड्रा ने दिल्ली के बीकानेर हाउस प्रशासन पर अपनी फोटो प्रदर्शनी से विरोध प्रदर्शनों की तस्वीरें हटाने का दबाव बनाने का आरोप लगाया है। रेहान के मुताबिक, उनकी प्रदर्शनी ‘नो आइडिया इज फाइनल’ शुरू होने से कुछ घंटे पहले 74 तस्वीरें हटाने को कहा गया। इन तस्वीरों में दिल्ली में हुए छात्र और युवा आंदोलनों को दिखाया गया था। 

उद्घाटन से पहले तस्वीरें हटाने का निर्देश

रेहान वाड्रा ने बताया कि प्रदर्शनी के लिए उन्होंने विस्तृत प्रस्ताव और तस्वीरों का लेआउट पहले ही बीकानेर हाउस प्रबंधन के साथ साझा कर दिया था। इसके बावजूद 21 अक्टूबर को दोपहर करीब 3:30 बजे उन्हें निर्देश दिया गया कि शाम 5 बजे तक तस्वीरें हटा दी जाएं, अन्यथा प्रदर्शनी रद्द की जा सकती है।

रेहान का आरोप है कि प्रबंधन ने विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी तस्वीरों की राजनीतिक प्रकृति पर आपत्ति जताई और कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में इन्हें प्रदर्शित करना उचित नहीं है। उन्होंने इस कदम पर नाराजगी जताते हुए कहा कि उनका उद्देश्य देश में हो रहे आंदोलनों को फोटोग्राफी के माध्यम से दर्ज करना था। 

तिरंगे की तस्वीर को लेकर भी विवाद

रेहान के अनुसार, हटाने के लिए कही गई तस्वीरों में भारतीय राष्ट्रीय ध्वज यानी तिरंगे की दो तस्वीरें भी शामिल थीं। उन्होंने इन्हें हटाने पर आपत्ति जताई और कहा कि वह भारतीय ध्वज की तस्वीर नहीं हटाएंगे। हालांकि, उनके मुताबिक, एक तस्वीर को उनके बाहर रहने के दौरान हटा दिया गया, जिसे उन्होंने दोबारा लगा दिया।

रेहान ने कहा कि कलाकारों को अपने काम के जरिए समाज में हो रही घटनाओं को दर्ज करने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए। उन्होंने बाकी तस्वीरों को किसी दूसरे स्थान पर प्रदर्शित करने की संभावना भी जताई। 

प्रियंका गांधी ने जताई नाराजगी

प्रियंका गांधी वाड्रा ने तस्वीरें हटाए जाने की कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि युवाओं की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने तस्वीरों को विरोध प्रदर्शनों का दृश्य दस्तावेज बताते हुए कहा कि उनमें किसी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी नहीं थी।

प्रदर्शनी ‘नो आइडिया इज फाइनल’ में वन्यजीव फोटोग्राफी, एब्स्ट्रैक्ट आर्ट और युवा आंदोलनों से जुड़ी तस्वीरें शामिल थीं। तस्वीरें हटाए जाने के बाद लगभग 40 तस्वीरें प्रदर्शनी में रह गईं। बीकानेर हाउस प्रशासन की ओर से आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।

Popular Articles