Top 5 This Week

Related Posts

यूपी चुनाव से पहले कांग्रेस में बड़ा फेरबदल, आराधना मिश्रा को प्रदेश अध्यक्ष और इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने प्रदेश संगठन में बड़ा बदलाव किया है। पार्टी हाईकमान ने आराधना मिश्रा मोना को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। उन्होंने अजय राय की जगह ली है। वहीं, सहारनपुर से सांसद इमरान मसूद को प्रदेश कांग्रेस का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है। इसके अलावा देविंदर निषाद और आलोक प्रसाद को वरिष्ठ उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

कांग्रेस के इस फैसले को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करने और विभिन्न सामाजिक वर्गों तक अपनी पहुंच बढ़ाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।

सामाजिक समीकरणों पर जोर

आराधना मिश्रा प्रतापगढ़ जिले की रामपुर खास विधानसभा सीट से विधायक हैं। वह कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी की बेटी हैं और उत्तर प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल की नेता भी रह चुकी हैं। पार्टी ने अब उन्हें प्रदेश संगठन की कमान सौंपी है।

वहीं, इमरान मसूद पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रमुख कांग्रेस नेताओं में शामिल हैं। सहारनपुर से सांसद मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर पार्टी ने संगठन में मुस्लिम समुदाय का प्रतिनिधित्व बढ़ाया है।

देविंदर निषाद और आलोक प्रसाद को वरिष्ठ उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इन नियुक्तियों के जरिए कांग्रेस ने पिछड़े और अनुसूचित जाति वर्गों को भी संगठन में प्रतिनिधित्व दिया है।

अजय राय की जगह नया नेतृत्व

अजय राय को अगस्त 2023 में उत्तर प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया था। अब विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले पार्टी ने नेतृत्व में बदलाव किया है। कांग्रेस की ओर से संगठनात्मक फेरबदल के तहत चौधरी वीरेंद्र सिंह को विधायक दल का नेता भी नियुक्त किया गया है।

सपा के साथ गठबंधन पर नजर

उत्तर प्रदेश में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच चुनावी तालमेल भी महत्वपूर्ण मुद्दा है। दोनों दलों ने 2024 के लोकसभा चुनाव में गठबंधन के तहत चुनाव लड़ा था। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए सीटों के बंटवारे और संयुक्त रणनीति पर बातचीत की भूमिका अहम रहने की संभावना है।

नए नेतृत्व के सामने प्रदेश में पार्टी संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और चुनावी तैयारियों को गति देने की चुनौती होगी। अब देखना होगा कि नए पदाधिकारियों के नेतृत्व में कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अपनी रणनीति को किस तरह आगे बढ़ाती है।

Popular Articles