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मेटा पर 25 अरब डॉलर का जुर्माना: न्यू मैक्सिको की अदालत का आदेश, उपभोक्ताओं को गुमराह करने का आरोप

वॉशिंगटन। सोशल मीडिया क्षेत्र की दिग्गज कंपनी मेटा को अमेरिका में बड़ा कानूनी झटका लगा है। न्यू मैक्सिको की एक अदालत ने फेसबुक की मूल कंपनी मेटा को 25 अरब डॉलर का जुर्माना भरने का आदेश दिया है। यह फैसला कंपनी पर उपभोक्ताओं को डेटा गोपनीयता से जुड़े मामलों में गुमराह करने के आरोपों के बाद आया है। मामला राजनीतिक परामर्श कंपनी कैम्ब्रिज एनालिटिका से जुड़े उस विवाद से संबंधित है, जिसमें लाखों फेसबुक उपयोगकर्ताओं के निजी डेटा तक उनकी सहमति के बिना पहुंच बनाए जाने के आरोप लगे थे। 

4.3 करोड़ से अधिक उल्लंघनों का मामला

मामले की सुनवाई के दौरान जूरी ने पाया कि मेटा ने न्यू मैक्सिको के उपभोक्ताओं को डेटा गोपनीयता और प्लेटफॉर्म की नीतियों के बारे में गुमराह करने वाले 26 बयान दिए। अदालत के अनुसार, इन बयानों से राज्य के उपभोक्ता संरक्षण कानून के 4.3 करोड़ से अधिक उल्लंघन हुए।

न्यू मैक्सिको के अटॉर्नी जनरल राउल टोरेज ने इस फैसले को बड़ी तकनीकी कंपनियों की जवाबदेही तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। राज्य ने आरोप लगाया था कि कंपनी ने उपयोगकर्ताओं को इस बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं दी कि उनका निजी डेटा किसके पास पहुंच सकता है और प्लेटफॉर्म पर हानिकारक सामग्री से निपटने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। 

कैम्ब्रिज एनालिटिका विवाद से जुड़ा मामला

यह विवाद उस घटना से जुड़ा है, जिसमें कैम्ब्रिज एनालिटिका ने एक थर्ड-पार्टी ऐप के जरिए करीब 8.7 करोड़ फेसबुक उपयोगकर्ताओं का डेटा हासिल किया था। आरोप था कि इस जानकारी का इस्तेमाल राजनीतिक विज्ञापनों को लक्षित करने के लिए किया गया।

न्यू मैक्सिको ने वर्ष 2021 में मेटा के खिलाफ मुकदमा दायर किया था। राज्य का कहना था कि कंपनी की डेटा सुरक्षा नीतियों और सार्वजनिक दावों में गंभीर खामियां थीं। मेटा ने इन आरोपों का विरोध किया और अदालत में राज्य के दावों तथा जुर्माने की गणना पर सवाल उठाए। 

मेटा फैसले के खिलाफ करेगी अपील

अदालत ने पहले 219 अरब डॉलर से अधिक के संभावित जुर्माने पर विचार किया था, लेकिन बाद में इसे घटाकर 25 अरब डॉलर कर दिया। मेटा ने फैसले के खिलाफ अपील करने की योजना जताई है। कंपनी का तर्क है कि फैसला स्वतंत्र अभिव्यक्ति और निष्पक्ष कारोबारी व्यवहार को प्रभावित कर सकता है।

इस फैसले को बड़ी तकनीकी कंपनियों की डेटा गोपनीयता संबंधी जिम्मेदारियों पर बढ़ती कानूनी सख्ती के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, अपील के बाद जुर्माने की राशि या फैसले में बदलाव हो सकता है।

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