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मालिकाना हक पर धामी सरकार की नीति भेदभावपूर्ण, सभी वन व आबादी क्षेत्रों को मिले अधिकार- बेहड़

कांग्रेस विधायक बोले—सिर्फ चुनिंदा गांवों को कमेटी में शामिल करना अन्य क्षेत्रों के साथ अन्याय, यूरिया संकट, स्मार्ट मीटर पर भी सरकार पर साधा निशाना

रुद्रपुर। किच्छा कांग्रेस विधायक तिलक राज बेहड़ ने राज्य सरकार पर मालिकाना हक के मुद्दे पर भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कैबिनेट द्वारा नैनीताल के बिन्दुखत्ता, देहरादून के बापूग्राम सहित कुछ चुनिंदा क्षेत्रों को राजस्व ग्राम का दर्जा और मालिकाना हक देने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है, लेकिन प्रदेश के अनेक ऐसे गांव और आबादियां इसमें शामिल नहीं की गईं, जो दशकों से अस्तित्व में हैं।
बेहड़ ने कहा कि पंतनगर की संजय कॉलोनी,मस्जिद कॉलोनी,नगला खुरपिया फार्म, गूलरभोज का कोपा,मुनस्यारी, किच्छा के सूर्यनगर, नजीमाबाद, धौराडाम,कोर्ट खर्रा,जसपुर का डाम क्षेत्र,भूड़ा गौरी,चंदन नगर,मोहन बोरिंग समेत कई क्षेत्रों को भी कमेटी के दायरे में लाया जाना चाहिए। बेहड़ का आरोप है कि सरकार ने जानबूझकर कई आबादी वाले क्षेत्रों को बाहर रखा है, जिससे उसकी दोहरी नीति उजागर होती है।किच्छा विधानसभा के तुर्का गौरी,गौरी कला सहित कई गांव आज भी मालिकाना हक और पट्टों से वंचित हैं। इस मुद्दे को उन्होंने कई बार विधानसभा में उठाया और मुख्यमंत्री, मंडलायुक्त व जिलाधिकारी को भी पत्र भेजे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

बेहड़ ने सरकार पर किसानों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि वर्ग-4 की जमीनों का आज तक मालिकाना हक नहीं दिया गया और संबंधित फाइलें जिला प्रशासन में लंबित पड़ी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना रिश्वत के फाइलें आगे नहीं बढ़ रहीं। प्रदेश में किसानों को पर्याप्त यूरिया खाद नहीं मिल रही है। एक एकड़ के लिए केवल दो से तीन कट्टे यूरिया दिए जा रहे हैं और इसके लिए भी किसानों को प्रशासनिक दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।स्मार्ट मीटर के मुद्दे पर भी बेहड़ ने सरकार को घेरते हुए कहा कि उपभोक्ताओं के बिजली बिल दो से तीन गुना तक बढ़ गए हैं। उनका आरोप है कि पुलिस बल की मौजूदगी में लोगों को डराकर स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं, जिससे जनता में भारी नाराजगी है।

बेहड़ ने मांग की कि जिन सभी आबादी क्षेत्रों को कमेटी में शामिल किया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो भविष्य में इन बस्तियों पर उजड़ने का खतरा बना रहेगा।

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