देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्र सरकार द्वारा महिलाओं को राजनीति में 33 प्रतिशत आरक्षण देने के निर्णय को युगांतकारी बताते हुए इसे ‘नारी शक्ति’ के उत्थान का नया अध्याय करार दिया है। राजधानी के राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के सभागार में आयोजित ‘नारी शक्ति वंदन’ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की आधी आबादी को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
लोकतंत्र की मजबूती के लिए महिलाओं की भागीदारी अनिवार्य
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि जब राजनीति और नीति-निर्धारण में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी, तो देश का लोकतंत्र और अधिक समावेशी व मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक महज एक कानूनी बदलाव नहीं है, बल्कि यह महिलाओं को नेतृत्व के समान अवसर प्रदान करने वाला एक क्रांतिकारी कदम है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की महिलाओं से आह्वान किया कि वे अपनी क्षमताओं को पहचानें और समाज के विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्वकारी भूमिका निभाने के लिए आगे आएं।
विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति और सम्मान समारोह
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रदेश की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल भी उपस्थित रहीं।
- चर्चा का विषय: कार्यक्रम के दौरान महिला सशक्तिकरण से जुड़े विभिन्न सामाजिक और आर्थिक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
- सम्मान: विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित भी किया गया, ताकि समाज में उनकी उपलब्धियों को नई पहचान मिल सके।





