इंदौर। मध्य प्रदेश में साइबर ठगी का अब तक का सबसे बड़ा मामला सामने आया है। एक युवती और उसके साथियों ने निवेश पर भारी मुनाफे का झांसा देकर एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) से करीब 21.05 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है और आरोपियों की तलाश में कई स्थानों पर दबिश दी जा रही है।
पुलिस के अनुसार, पीड़ित सीए से सोशल मीडिया और ऑनलाइन माध्यम के जरिए संपर्क किया गया। इसके बाद उसे शेयर बाजार और विशेष निवेश योजनाओं में कम समय में अधिक लाभ का लालच दिया गया। शुरुआत में छोटे मुनाफे का भरोसा दिलाकर उसका विश्वास जीता गया, फिर अलग-अलग बैंक खातों में लगातार बड़ी रकम जमा कराई गई। जब पीड़ित ने अपनी राशि निकालने की कोशिश की तो उसे पता चला कि वह साइबर ठगी का शिकार हो चुका है।
जांच में सामने आया है कि इस पूरे फर्जीवाड़े में एक युवती की अहम भूमिका थी, जिसने निवेश सलाहकार बनकर पीड़ित से संपर्क किया। पुलिस बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल लेनदेन की जांच कर रही है। साइबर विशेषज्ञों की मदद से ठगी में शामिल पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया, मैसेजिंग ऐप या अनजान व्यक्तियों के निवेश संबंधी प्रस्तावों पर बिना जांच-परख के भरोसा न करें। किसी भी ऑनलाइन निवेश से पहले संबंधित संस्था की विश्वसनीयता की पुष्टि करें और संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर पुलिस को दें। हाल के महीनों में मध्य प्रदेश में साइबर अपराध के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे सतर्क रहने की आवश्यकता और बढ़ गई है।





